दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) के 18वें सम्मेलन का नेपाल की राजधानी काठमांडू में आज विधिवत आगाज हुआ। लेकिन इस मौके पर मोदी-नवाज ने एक दूसरे को देखा तक नहीं और मंच पर कोई बातचीत नहीं की।
सार्क सम्मेलन में भाषण देते हुए मोदी ने नेपाल को सार्क सम्मेलन के सफल आयोजन पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि हम सभी की चुनौतियां एक जैसी हैं और सबको एक अच्छा पड़ोसी मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक अच्छा पड़ोसी ही विकास में सहायक होता है।
नीतियों पर बात करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम सभी को एक दूसरे की नीतियों से सीखने की जरुरत है। इसी तरह से हम एक दूसरे से सीखते हुए आगे बढ़ सकेंगे।
व्यापार के मुद्दे पर मोदी बोले कि हम कई देशों के साथ अपने व्यापार को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। और इसी कोशिश के तहत भारत-नेपाल और भारत-भूटान के बीच नए युग की शुरुआत हुई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पास होने से साथ होने की ताकत अनेक गुना हो जाती है। हम पास भी हैं, साथ भी।
मोदी ने कहा कि भारत दक्षिण एशियाई देशों से शिक्षा के क्षेत्र में जुड़ने को तैयार हैं। हम ऑनलाइन कोर्स और ई-लाइब्रेरी के जरिए शिक्षा के क्षेत्र में साथ साथ आगे बढ़ेंगे।
प्रधानमंत्री ने 26/11 के हमले पर संवेदना जताते हुए अपनी श्रृद्धांजलि भी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज तक हम मुंबई हमले की दर्द झेल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हमें एक दूसरे की सुरक्षा को लेकर संवेनशील होने की जरूरत है।