‘‘मैंने 17 बार माउंट एवरेस्ट की चोटी फतह की है, लेकिन एवरेस्ट बेस कैंप में इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ। अचानक जबरदस्त भूगर्भीय खलबली हुई, हिमस्खलन आंखों के सामने था। समुद्र तट से 18,000 फीट ऊपर शिविर क्षेत्र में 18 लोगों को मैंने उसी वक्त दम तोड़ते देखा है। यह सचमुच बड़ा, बहुत बड़ा हिमस्खलन था।’’
पूर्वी नेपाल के आधार शिविर से लक्पा रिटा ने भूकंप के वक्त एवरेस्ट पर आए भूस्खलन को काफी नजदीक से देखा। वह शेरपा हैं, उन्होंने वहां उस वक्त के हालात टेलीफोन पर बताते हुए कहा ‘‘जिन पर्वतारोहियों को एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचना था, जीत से पहले ही उनके बेस कैंपों में उनके शव ढूंढ़े जा रहे थे। जो मंजर सामने से देखा है उस हिसाब से यह बहुत ही मुश्किल और लंबा काम दिखाई देता है।’’
उन्होंने बताया कि एवरेस्ट के आधार शिविर में भूकंप के दौरान उन्होंने यहां की बड़ी-बड़ी चट्टानों और बर्फ की गरजती आवाजों को सुना, तबाही का यह एक खौफनाक मंजर था।
नेपाल में पड़ने वाले एवरेस्ट के सोलुखुम्बू जिले के मुख्य जिलाधिकारी झंकानाथ ढकाल ने टेलीफोन पर बताया कि खराब मौसम के चलते सोमवार को यहां बचाव कार्य रोक दिया गया है, यहां 11 शवों और फंसे हुए 20 पर्वतारोहियों को वहां से हटा लिया गया है।