छठ पूजा पर पटना में अदालत घाट पर हुए हादसे में मृतकों की संख्या 17 हो गई है। राज्य के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है। सरकार ने इस घटना की मुख्य सचिव से जांच करवाने के आदेश दे दिए हैं। हालांकि विभिन्न राजनीतिक दलों ने हादसे की जांच सीबीआई से कराए जाने की मांग की है।
गौरतलब है कि सोमवार की शाम 7 बजे पटना के अदालत घाट पर मची भगदड़ में 17 लोगों की मौत हो गई। यह हादसा बांस का बना एक पुल टूटने के बाद हुआ। मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए हैं। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जाहिर की जा रही है।
आधिकारिक प्रवक्ता ने देर रात मृतक संख्या 17 होने की जानकारी दी। इनमें 12 शवों की पहचान कर ली गई है। हालांकि इससे पहले पटना के एसपी जयंत कांत ने घटना में 14 और मुख्य सचिव एके सिन्हा ने 10 लोगों के मरने की बात कही थी। हादसा शाम सात बजे करीब हुआ।
छठ पर सूर्य भगवान को अर्घ्य देने के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु गंगा के घाटों पर जुटे थे। छिपते सूर्य को पहला अर्घ्य देने के बाद श्रद्धालु अस्थायी पुल से लौट रहे थे, लेकिन बालू में बांस और बल्लियों से बनाया गया यह पुल श्रद्धालुओं का दबाव नहीं झेल सका। घायलों की संख्या 50 से ऊपर बताई जा रही है, उन्हें पटना मेडिकल कालेज समेत विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हादसा पुल टूटने से नहीं हुआ, बल्कि भीड़ एक मंदिर की सीढ़ियों पर जुट गई थी। उन्होंने पुल के ऊपर बिजली का तार टूटने की खबरों को भी गलत बताया। नीतीश ने मृतक आश्रितों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान भी किया है।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी इस घटना पर दुख जाहिर किया है। वहीं, राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने घटना के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने नीतीश के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा है कि राज्य सरकार के इंतजाम नाकाफी थे। लालू ने घटना के दोषियों पर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग भी की है।