हरियाणा के सिरसा में डेरा सच्चा सौदा संप्रदाय और सिख समुदाय के लोगों के बीच हिंसक झड़पों के बाद मंगलवार को सुबह छह बजे से रात नौ बजे तक कर्फ्यू में ढील दी गई है। इसके चलते सभी बाजार खुले हैं और लोग अपनी जरूरत के सामान की खरीदारी कर रहे हैं, जिससे आम जनजीवन पटरी पर लौटता नजर आ रहा है।
इस बीच मंगलवार को शहर में कीर्तन को लेकर पुलिस काफी मुस्तैद दिखी। सुरक्षा को लेकर चप्पे चप्पे पर अर्द्धसैनिक बल और पुलिस के जवान तैनात रहे तो दूसरी ओर डीसी, एसएसपी ने जवानों को साथ लेकर फ्लैग मार्च किया। इससे पूर्व शहर में सुधरते हालात को देखते हुए सोमवार को जिलाधीश डा. जे गणेशन ने कर्फ्यू में सुबह छह बजे से दस बजे तक ढील दी।
गौरतलब है कि डेरा सच्चा सौदा संप्रदाय के अनुयायियों और सिख समुदाय के लोगों बीच हुई हिंसा में कम से कम 12 लोग जख्मी हो गए थे। गुस्साई भीड़ ने छह वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया था। घटना शहर के वाल्मीकी चौक पर हुई थी।
संत गुरमीत सिंह तिलोकेवाला की हालत में सुधार
जिला प्रशासन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि चंडीगढ़ में एसजीपीसी सदस्य और संत बाबा गुरमीत सिंह तिलोकेवाला का ईलाज चल रहा है और उनकी हालत ठीक है। उन्हें पीजीआई सेक्टर 16 के सिविल अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। उन्होंने आमजन से फिर अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें।
दोषियों की होगी जांच, शांति बनाए रखें
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि सिरसा में हुई हिंसा के दोषी व्यक्तियों के बारे में जांच की जाएगी। मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे शांति बनाए रखें।