महाराष्ट्र के औरंगाबाद क्षेत्र में इस साल 58 दिनों के भीतर 135 किसानों ने खुदकुशी कर ली है। राज्यसभा में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री मोहनभाई कुंदरिया ने एक जवाब में यह जानकारी दी।
उन्होंने लिखित जवाब के जरिए बताया कि पिछले तीन सालों में वर्ष 2012, 2013, 2014 में 662 लोगों ने आत्महत्या की है। इस आत्महत्या की वजह प्राकृतिक आपादा और किसानों की वीभत्स हालत थी।
एक अन्य प्रश्न का उत्तर देते हुए बताया कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2012 में किसानी के जरिए रोजरोटी चला रहे 13,754 और वर्ष 2013 में 11,772 लोगों ने आत्महत्या की है।
महाराष्ट्र सरकार के मुताबिक औरंगाबाद क्षेत्र में 135 लोगों ने आत्महत्या की है। राज्य सरकार ने बताया कि गांवों में अब किसानों ने लिए चलाई जा रही लाभकारी योजनाओं के बारे में अधिकारियों के जरिए उन्हें बताया जा रहा है।