कई वर्षों से समावेशी वृद्धि के लिए सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद समावेशी वृद्धि के मामले में भारत 112 देशों में निचले पायदान पर है।
वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) के एक अध्ययन के अनुसार, वैश्विक समावेशी वृद्धि के मानदंडों के कई स्तरों पर भारत सबसे निचले पायदान पर है। जबकि विकास और प्रतिस्पर्धा के क्षेत्र में भारत शीर्ष 20 देशों में शामिल है। वहीं भ्रष्टाचार के मामले में भारत शुरुआत के आठवें पायदान पर है।
डब्ल्यूईएफ के अनुसार, अपनी तरह की पहली वैश्विक रैंकिंग में प्रति व्यक्ति आय के स्तर पर विभिन्न देशों के समूहों पर किए गए अध्ययन में कई देशों की आय में असमानता पाई गई, जिसमें भारत भी शामिल है।
डब्ल्यूईएफ ने कहा कि यह अध्ययन दो साल से अधिक अवधि में किया गया, जिसका उद्देश्य यह पता करना था कि विभिन्न देशों के नीति निर्माता एक ही समय में इकोनॉमिक ग्रोथ और इक्विटी को किस तरह संचालित और विभिन्न कारकों को किस तरह सफलतापूर्वक लागू करते हैं।