फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

असम में 27 लोगों की हत्या के बाद तनाव और कर्फ्यू

विज्ञापन
विज्ञापन
असम में गुरूवार को हुए उग्रवादी हमले में करीब 27 लोगों की मौत हो गई है जबकि कुछ लोग घायल भी हुए हैं। जान गंवाने वाले सभी लोग एक ही संप्रदाय से ताल्लुक़ रखते थे।
विज्ञापन


पुलिस के मुताबिक ये हत्याएं संदिग्ध बोडो विद्रोहियों ने की। इस घटना के बाद कोकराझार और बक्सा में उग्रवादियों को देखते ही गोली मारने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

हिंसा का चुनाव कनेक्शन

बीबीसी के मुताबिक पहली घटना बक्सा में नेशनल पार्क के क़रीब नरसिंह गांव में हुई, जबकि दूसरी कोकराझार के सपूतग्राम के बालापारा में आधी रात को हुई।

पुलिस महानिदेशक बिश्नोई कहते हैं कि इन हत्याओं के लिए नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ़ बोडोलैंड (एनडीएफबी) का संगबिजित गुट ज़िम्मेदार है।

हालांकि पुलिस महानिदेशक ने इन हत्याओं और चुनाव के बीच किसी संबंध से इनकार किया है।
विज्ञापन

क्या इसलिए हुई हिंसा?

बीबीसी के मुताबिक ये पहला मौक़ा है जब बोडोलैंड इलाक़े की 70 फ़ीसदी आबादी वाले ग़ैर बोडो समुदायों ने एक ग़ैर बोडो उम्मीदवार उल्फा के पूर्व कमांडर हीरा शारानिया को चुनाव मैदान में उतारा है।

चुनावों से पहले बहुत से मुसलमान मतदाताओं ने बीबीसी से कहा था कि वो शारानिया को वोट करेंगे। हालांकि उन्हें बोडो संगठनों से लगातार मिल रही धमकियां का डर भी था।

कुछ मुसलमानों का कहना था कि अगर उन्हें सुरक्षित रहना है तो वे बोडो के ख़िलाफ़ वोटिंग का ख़तरा मोल नहीं ले सकते।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें