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मोदी की नकल कर लगाया करोड़ों का चूना

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कोलकाता के शारदा फंड घोटाले की तर्ज पर महाराष्ट्र में भी 10 हजार करोड़ रुपये का केबीसी घोटाला उजागर हुआ है। महज 30 महीने में रकम दोगुना करने का झांसा देकर कंपनी ने लोगों से पैसा जमा कराया और जब उन्हें वापस करने का समय आया तो कंपनी का संचालक फरार हो गया।
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इस खबर से निवेशकों के पैरों तले जमीन खिसक गई है। तीन निवेशक जीवन की गाढ़ी कमाई डूबने का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाए और मौत को गले लगा लिया।

आश्चर्य यह है कि तीन लोगों की मौत के बाद भी महाराष्ट्र सरकार पर इसका कोई असर नहीं हुआ है, लेकिन भाजपा सांसद किरीट सोमैया ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में यह मुद्दा उठाकर मामले को तूल दे दिया है।

मोदी-ओबामा के भाषणों की करता था कॉपी

हजारों करोड़ रुपये की इस धोखाधड़ी का सूत्रधार है भाऊसाहब चव्हाण, जो हर व्यक्ति को दौलतमंद बनाने के सपने दिखाता था।

अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण की कॉपी करने वाले इस जालसाज ने चार साल में रकम चार गुना करने का लालच देकर शिक्षित और अशिक्षित सभी को चूना लगाया। आरोपी अब सिंगापुर रवाना हो गया है।

बी. कॉम डिग्रीधारी भाऊसाहेब चव्हाण शुरुआत में नासिक की एक कंपनी में स्टोरकीपर था। एक मल्टीलेवल कंपनी में उसने पहले 5 हजार रुपये गंवाए, लेकिन इससे उसे कमाई का नया साधन मिल गया।

सबसे पहले नवंबर 2009 में चव्हाण ने डीबीसी मल्टीलेवल मार्केटिंग कंपनी प्रा. लि. लांच की, जिससे तीन महीने में ही काफी पैसा कमाया।

उसके बाद शुरू हो गया, केबीसी मल्टीट्रेड प्रा. लि. का गोरखधंधा। कुछ ही महीनों में केबीसी का नेटवर्क चार राज्यों (महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और मध्य प्रदेश) में फैल गया।
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तीन निवेशकों ने की आत्महत्या

पैसा आया तो चव्हाण ने कंपनी का विस्तार भी किया। डोंबीवली एफएक्स रिच बुलियन फाइनेंसियल सर्विसेस प्रा लि, केबीसी क्लब रिसोर्ट्स प्रा.लि. और फिर केबीसी प्लाटर्स प्रा.लि. कंपनी की श्रृंखला बनाकर होटल व्यवसाय, रियल इस्टेट के धंधे में प्रवेश किया। चव्हाण ने तीसरी कक्षा पास अपनी पत्नी और बेटे को भी कंपनी का निदेशक बनाया।

बीते फरवरी महीने में सीआईडी और नासिक पुलिस ने केबीसी घोटाले के संदर्भ में 975 पन्ने की रिपोर्ट तैयार की थी, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। तीन लोगों की मृत्यु के बाद पुलिस हरकत में आई।

14 जुलाई को कंपनी के निदेशक बापू छाबू चव्हाण, प्रबंधक पंकज शिंदे और कार चालक नितिन पोपटराव शिंदे को पुलिस ने गिरफ्तार किया। कोर्ट ने इन तीनों को 21 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है जबकि मुख्य सूत्रधार भाऊसाहेब चव्हाण दंपति फरार है।
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