दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान फैजाबाद में हुए बवाल व आगजनी के बाद पटरी पर लौट रहे हालात के मद्देनजर जिला प्रशासन ने कर्फ्यू में ढील की अवधि बढ़ा दी है। बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे से शाम छह बजे तक कर्फ्यू में ढील रहेगी। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित क्षेत्र के स्कूल-कॉलेज संचालक इस अवधि को ध्यान में रखकर संस्थान खोल सकते हैं।
इस बीच उपद्रव के दौरान आगजनी के पीड़ित दुकानदारों व अन्य को प्रशासन की ओर से आर्थिक मुआवजे का वितरण किया गया। भदरसा कसबे में भी लोगों को दो घंटे के लिए खरीददारी आदि की छूट दी गई। पुलिस ने बसपा नेता एवं पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष रामबोध सोनी समेत चार लोगों को उपद्रव की घटना के संबंध में गिरफ्तार किया है। इनके विरुद्ध हिंसा भड़काने सहित कई धाराएं लगाए जाने की सूचना है।
बुधवार को जिला प्रशासन की ओर से सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक कर्फ्यू में ढील दी गई थी। ढील के दौरान शहर में हालात पूरी तरह सामान्य रहे। बाजारों में भीड़ उमड़ी, दुकानें गुलजार रहीं और लोगों ने खरीददारी की। ढील के दौरान के हालात की समीक्षा के बाद जिला प्रशासन ने ढील की अवधि बढ़ाए जाने का निर्णय लिया और बृहस्पतिवार को कर्फ्यू में सुबह आठ बजे से शाम छह बजे तक छूट की घोषणा कर दी। स्कूलों-कॉलेजों के खुलने के समय को लेकर हुए सवाल पर जिलाधिकारी दीपक अग्रवाल ने कोई आदेश जारी कर पाने से इंकार कर दिया। हालांकि कहा कि छूट की अवधि में संचालक शेड्यूल निर्धारित कर अपने-अपने स्कूल कॉलेज खोल सकते हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि शहर क्षेत्र के छोटे प्रभावितों को कलेक्ट्रेट में कार्यक्रम आयोजित कर मुआवजे का वितरण किया गया है। कुल 99 लोगों को 42 लाख रुपये से ज्यादा के चेक दिए गए हैं। देहात क्षेत्र के भदरसा, रुदौली व शाहगंज आदि के प्रभावितों की रिपोर्ट तहसील से उनको मिल गई है। इसे पुनरीक्षण कर रात तक या बृहस्पतिवार को शासन को भेज दिया जाएगा। देहात क्षेत्र के प्रभावित परिवारों को भी एक-दो दिन में अंतरिम मुआवजा वितरित कर दिया जाएगा।
उधर, भदरसा में पुलिस ने बसपा नेता एवं पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष रामबोध सोनी समेत चार लोगों को उपद्रव की घटना में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों में विनय कुमार गुप्ता, मोहम्मद हई और उनका बेटा अफजल शामिल है।
एडीएम ने शुरू की मजिस्ट्रेटी जांच
दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान फैजाबाद, भदरसा और रुदौली में हुई घटनाओं की मजिस्ट्रेटी जांच शुरू हो गई है। इसके बारे में कोई भी व्यक्ति अपना बयान या साक्ष्य जांच अधिकारी अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के समक्ष उपस्थित होकर पांच से 12 नवंबर के बीच किसी भी कार्य दिवस में दे सकता है। मालूम हो कि मामले में जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रियल जांच अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को सौंपी थी।