हिमाचल विधानसभा चुनावों में भाजपा और कांग्रेस के स्टार प्रचारक खुद को वोट नहीं डाल सकेंगे। मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह परिसीमन के चक्कर में अपने आप को वोट नहीं डाल सकेंगे। दूसरे निर्वाचन हलकों से किस्मत अजमा रहे दिग्गज नेताओं में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री राजीव बिंदल, आईपीएच मंत्री रविंद्र रवि, महिला कांग्रेस अध्यक्ष अनीता वर्मा, विधायक उर्मिल ठाकुर, सुधीर शर्मा, राकेश वर्मा, पूर्व मंत्री कुलदीप कुमार सहित कई नेता शामिल हैं। इनके अलावा कई अन्य नेता भी दूसरे हलकों से विधानसभा पहुंचने की कसरत में जुटे हैं।
मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल बमसन क्षेत्र खत्म होने के बाद हमीरपुर से चुनावी समर में हैं। रोहडू के आरक्षित होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह शिमला ग्रामीण से चुनाव लड़ रहे हैं। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव बिंदल सोलन सीट के आरक्षित होने के कारण नाहन, आईपीएच मंत्री रविंद्र सिंह रवि थुरल विधानसभा क्षेत्र के खत्म होने के कारण देहरा से चुनावी दंगल में उतरे हैं।
महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनीता वर्मा हमीरपुर के बजाय सुजानपुर से लड़ रही हैं। इनके खिलाफ हमीरपुर से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ती रहीं उर्मिल ठाकुर भी सुजानपुर से मैदान में हैं। ये दोनों भी दूसरे विधानसभा क्षेत्र से किस्मत अजमा रही हैं। बैजनाथ सीट के आरक्षित होने के बाद विधायक सुधीर शर्मा धर्मशाला से चुनाव लड़ रहे हैं। पूर्व मंत्री कुलदीप कुमार का नाम गगरेट निर्वाचन क्षेत्र में है, लेकिन यह चिंतपूर्णी से कांग्रेस के प्रत्याशी हैं। शाहपुर से कांग्रेस प्रत्याशी मेजर विजय सिंह मनकोटिया कांगड़ा में अपना वोट डालते हैं।
विधायक राकेश वर्मा का क्षेत्र परिसीमन के बाद चौपाल में चला गया है। वह अपना वोट चौपाल में डालेंगे और चुनाव भाजपा प्रत्याशी के तौर पर ठियोग से लड़ रहे हैं। शिमला सीट पर माकपा प्रत्याशी टिकेंद्र सिंह पंवर भी खुद को वोट नहीं डालेंगे। इनका वोट शिमला ग्रामीण में है। विधायक खुशीराम बालनाटाह भी रोहडू के आरक्षित होने के बाद भाजपा को छोड़ हिलोपा से कसुम्पटी से चुनाव लड़ रहे हैं।