वज्रासन एक ऐसा आसान है जिसे भोजन के बाद किया जा सकता है। इससे खाना जल्दी पचता है और वायु विकार नहीं होता है। इस आसान के अभ्यास से मांसपेशियां मजबूत होती है और वीर्य दोष दूर होता है। इसलिए इस आसान को वज्रासन कहा जाता है। यह बैठकर किये जाने वाले आसान की श्रेणी में आता है।
कैसे करें वज्रासन
घुटने टेक कर ज़मीन पर इस प्रकार बैठें ताकि घुटनों के ऊपरी भाग हिप्स से लगे हों और तलवों के ऊपरी भाग ज़मीन से सटे हों। इसके बाद सांस छोड़ते हुए एड़ियों पर बैठें। दोनों हाथों को जंघाओं के ऊपर घुटनों के करीब लाएं। सिर को सीधा रखें और सामने देखें। ध्यान रखें कि कमर और पीठ सीधा रहे। इस मुद्रा में 5 मिनट से आधा घंटा तक रहें।वज्रासन से लाभ
वज्रासन के अभ्यास से जंघाओं, घुटनों, पैरों एवं कोहनियों का व्यायाम होता है। कमर दर्द एवं पीठ दर्द से आराम मिलता है। इसके अभ्यास से मानसिक शांति मिलती है। श्वास संबंधी तकलीफों में भी इससे लाभ मिलता है।मासिक धर्म की अनियमितता से पीड़ित महिलओं को इसका अभ्यास करना चाहिए इससे मासिक धर्म से संबंधित परेशानियां दूर हो जाती है।