दिलीप कुमार और मधुबाला के बीच ऐसा क्या हुआ था कि वो दोनों अलग हो गए? सालों से इस बात पर मीडिया और पत्रकार अपने-अपने अनुमान लगाते रहे हैं, लेकिन अब ख़ुद दिलीप कुमार मधुबाला से संबंधों और उसके बाद दोनों के बीच हुई तकरार से पर्दा उठाएंगे।
दरअसल नौ जून को दिलीप कुमार की बायोग्राफ़ी (जीवनी) लॉन्च होने वाली है।
इसे मशहूर लेखक उदय तारा नायर ने दिलीप कुमार और उनकी पत्नी सायरा बानो से विचार-विमर्श के बाद लिखा है।
इस किताब में दिलीप कुमार के संघर्ष के दिनों से लेकर उनके सुपरस्टार बनने तक के सफ़र का विवरण है।
सबसे दिलचस्प बात ये है कि इसमें दिलीप कुमार और मधुबाला के प्रेम संबंधों के अलावा दोनों के अलगाव का भी ज़िक्र है।
किताब में दिलीप कुमार ने बताया है कि कैसे वो और मधुबाला एक दूसरे से बेइंतहा प्यार करते थे और शादी भी करना चाहते थे, लेकिन मधुबाला के पिता की वजह से दोनों दूर हो गए।
दरअसल मधुबाला के पिता चाहते थे कि दिलीप और मधुबाला सिर्फ़ उनके प्रोडक्शन हाउस के लिए फ़िल्में करें और दिलीप कुमार एक कलाकार होने के नाते इस बात को ग़लत मानते थे।
दिलीप कुमार के मुताबिक़, वो मधुबाला के पिता के हाथों का खिलौना नहीं बनना चाहते थे।
मधुबाला ने इस मुद्दे पर दिलीप कुमार को समझाने की कोशिश की, लेकिन वो नहीं माने और इस तरह से दोनों एक दूसरे से दूर होते चले गए।
इस किताब की लॉचिंग के लिए आमिर ख़ान और शाहरुख़ ख़ान जैसे बड़े सितारे भी मौजूद होंगे और इसे लॉन्च करेंगे अमिताभ बच्चन।