निर्देशक: क्रिस्टोफर नोलन
निर्माता: क्रिस्टोफर नोलन, चार्ल्स रॉवने, एमा थॉमस
बैनर: वार्नर ब्रदर्स पिक्चर्स/दार मोशन पिक्चर्स
संगीत: हांस जिमर
कलाकार: क्रिस्टिन बेल, एने हैथवे, टॉम हार्डी, गेरी ओल्डमैन, माइकल कैने, मॉर्गन फ्रीमैन
कहानी: फिल्म की शुरुआत ही एक निराशा में डूबे वातावरण से होती है। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, उदासी का यह रंग गहरा होता जाता है। स्मार्ट और रंगीन-मिज़ाज दिखने की बजाय अधेड़ और थका हुआ ब्रुस वेन सामने आता है। जिसके पास सिर्फ अतीत की कुछ कड़वी यादें हैं। वहीं करीब सात सालों से ब्रुस वेन का दूसरा रूप यानी सुपरहीरो बैटमैन गोथम शहर से गायब है।
मगर परिस्थितियां कुछ इस तरह करवट लेती हैं कि बैटमैन को वापस लौटना पड़ता है। जबकि हालात बहुत कठिन हैं, वह चारों तरफ से शत्रुओं से घिरा है। बैटमैन पहले की तरह शारीरिक रुप से मजबूत नहीं रहा, पुलिस उसके पीछे पड़ी है और उसके दुश्मन भी पहले से ज्यादा ताकतवर हो चुके हैं।
शुरुआती संघर्ष में बैटमैन को पराजय हाथ लगती है। एक के बाद एक ब्रुस वेन का सब कुछ छिनता चला जाता है और उसे मरने के लिए छोड़ दिया जाता है। शहर तबाही के मुहाने पर खड़ा होता है। बस, इसके आगे की कहानी का सारा रोमांच यही है कि जीत के लिए असंभव सी दिखने वाली इन परिस्थियों के बीच कैसे बाजी पलटती है।