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'तलवार' कमाई न कर पाए, क्या बॉलीवुड में इसकी साजिश रची जा रही है?

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जनवरी में आई रहस्य और दो अक्तूबर को रिलीज हो रही तलवार दोनों ही फिल्में नोएडा के आरुषि हत्याकांड को कथा के सांचे में ढाल कर रची गई हैं। जिस दिन तलवार सिनेमाघरों में लगेगी, उसी दोपहर को छोटे पर्दे पर रहस्य का वर्ल्ड प्रीमियर है। यह सिर्फ बिजनेस रणनीति है या तलवार के बॉक्स ऑफिस को निपटाने का षड्यंत्र...?
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फिल्मों में स्पर्द्धा गलाकाट हो चुकी है, यह खुला सच है। मल्टीप्लेक्सों में शो की लड़ाई अक्सर फिल्में लड़ती हैं। परंतु आपसी लड़ाई का नया रूप सामने आने को तैयार है। आगामी दो अक्तूबर को दो फिल्में रिलीज होंगी, निर्देशक प्रभुदेवा की सिंग इज ब्लिंग और मेघना गुलजार की तलवार।

सिंग इज ब्लिंग जहां मसाला फिल्म है वहीं तलवार नोएडा में 2008 में हुए आरुषि तलवार हत्याकांड से प्रेरित गंभीर सिनेमा है। ऐसे में लग सकता है कि इन दोनों का आपस में क्या मुकाबला! परंतु टक्कर इन फिल्मों की नहीं है। दो अक्तूबर को तलवार के सामने रहेगी निर्देशक मनीष गुप्ता की फिल्म रहस्य।
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फिल्म ‘सच्ची घटनाओं पर आधारित’ है

मनीष की फिल्म का दो अक्तूबर को जी सिनेमा पर दोपहर 12 बजे वर्ल्ड प्रीमियर होगा। यह फिल्म भी आरुषि हत्याकांड से प्रेरित है और इस साल 30 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। रहस्य टिकट खिड़की पर सौ दिन से ज्यादा चली थी, जो आज के दौर में सफलता से कम नहीं है।

रहस्य के तलवार की रिलीज वाले दिन ही टीवी पर दिखाए जाने से नई फिल्म को खतरा साफ देखा जा सकता है। एक ही विषय पर होने की वजह से दर्शक घर बैठे दिख रही फिल्म को प्राथमिकता दे सकते हैं। इससे तलवार को नुकसान होने की आशंका है।

जानकार मानते हैं कि रहस्य देखने के बाद जब तक तलवार की जबर्दस्त प्रशंसा न हो, वह दर्शकों की प्राथमिकता में नहीं आ सकेगी। वैसे रहस्य के निर्देशक मनीष गुप्ता कहते हैं कि उनकी फिल्म आरुषि की सच्ची कहानी नहीं, बल्कि उससे प्रेरित थ्रिलर है।

इस फिल्म को तलवार परिवार की आपत्तियों की वजह से 11 महीने तक रिलीज होने का इंतजार करना पड़ा था। जबकि मेघना गुलजार कह चुकी हैं कि उनकी फिल्म आरुषि हत्याकांड की पुलिस/सीबीआई जांच की ‘सच्ची घटनाओं पर आधारित’ है। इसके बावजूद तथ्य यही है कि रहस्य और तलवार के कथानकों में जबर्दस्त समानता है।

क्या रहस्य के वर्ल्ड प्रीमियर की योजना जानबूझ कर इस तरह बनाई गई?

क्या रहस्य के वर्ल्ड प्रीमियर की योजना जानबूझ कर इस तरह बनाई गई कि तलवार को क्षति पहुंचे? इस सवाल पर गुप्ता कहते हैं, ‘यह तारीख किसने प्लान की यह तो चैनल की प्रोग्रामिंग टीम ही बता सकती है। उन्होंने ही तय किया है कि फिल्म को किस दिन और कब दिखाना है। इस पर मैं कोई टिप्पणी नहीं कर सकता।’

वह मानते हैं कि एक विषय पर दो फिल्मों का प्रदर्शन साथ होने पर दर्शक बंट जाते हैं, परंतु यह भी कहते हैं, ‘मेरी फिल्म दर्शक पहले थियेटर में देख चुके हैं। इसकी डीवीडी आ चुकी है। इसे लाखों लोग इंटरनेट से डाउनलोड कर चुके हैं।’

आरुषि केस पर तलवार बनाए जाने पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी करते हुए मनीष ने कहा, ‘यह निर्माता-निर्देशक का फैसला होता है कि एक विषय पर जब फिल्म बन चुकी है तो उस पर क्यों दूसरी बनाएं।

अगर उन्हें लगता है कि उनके पास कुछ और बात दिखाने को है तो तभी वह ऐसा फैसला लेते हैं।’ रहस्य में केके मेनन, आशीष विद्यार्थी, टिस्का चोपड़ा, मीता वशिष्ठ जैसे कलाकार हैं जबकि तलवार में इरफान, तब्बू, कोंकणा सेन शर्मा और नीरज कबी की मुख्य भूमिकाएं हैं।
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दर्शक जागरूक हैं: मेघना

-रहस्य आरुषी मर्डर केस की थीम पर थी, फिर तलवार बनाने की क्या जरूरत महसूस हुई?

-मेघना गुलजारः एक तो मैंने रहस्य देखी नहीं। फिर सोचिए हमारे यहां एक साल में कितनी लव स्टोरी, कितनी ऐक्शन फिल्में बनती हैं! अगर एक लव स्टोरी या एक ऐक्शन फिल्म से घबराहट हो तो दूसरी बने ही ना।

मुझे लगता है हमारे दर्शक जागरूक हैं कि वे अपने आप तय कर लेते हैं, उन्हें कोई फिल्म देखनी है या नहीं। हमारी जनसंख्या बहुत बड़ी है। फिल्में देखने वाली आंखें हमारे यहां बहुत सारी हैं।
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