शक्ति कपूर और शिवांगी कपूर की बेटी श्रृद्घा कपूर की तीसरी फिल्म है `आशिकी-2'। आशिकी में श्रृद्घा पहली बार हिंदी फिल्मों की पारंपरिक नायिका की भूमिका निभा रही हैं। 'आशिकी 2', 26 अप्रैल को रिलीज हो रही है। श्रृद्घा खुद ही बता रही हैं 'आशिकी 2' और खुद की कहानी,
'आशिकी' से 'आशिकी 2' तक
मैंने `आशिकी' देखी थी। उसमें लीड एक्टर्स राहुल रॉय और अनु अग्रवाल की केमिस्ट्री बहुत अच्छी थी। जिस इमोशन से फिल्म बनाई गई थी, वह मुझे उस उम्र में भी पसंद आया था। तब तो कभी सोचा भी नहीं था कि फिल्मों में आऊंगी। अब सोचकर लगता है कि हर पसंद-नापसंद का संयोग बनता है। इसे संयोग ही कहेंगे कि `आशिकी' के आकर्षण ने मुझे 'आशिकी-2' से जोड़ दिया।
मेरी पसंद की फिल्में
रोमांटिक लव स्टोरी वाली फिल्में मुझे सबसे ज्यादा पसंद आती हैं। इनमें भी अगर श्रेष्ठ फिल्मों की बात होगी, तो `टाइटैनिक' नंबर वन पर रखूंगी। उसके बाद मुझे `प्रेम रोग' पसंद है, क्योंकि उसमें मेरी मौसी पद्मिनी कोल्हापुरी हैं। `प्यासा' और `देवदास' के दर्द में भी जो प्यार दिखाई देता है, वह अद्भुत है। मुझे विश्वास है कि `आशिकी-2' भी ऐसी ही शाहकार फिल्म साबित होगी।
दो सिंगर्स के प्यार की कहानी
'आशिकी-2' में मेरा किरदार आरोही शिर्के का है और आदित्य राय कपूर की भूमिका राहुल जयकर की है। राहुल बहुत बड़ा सिंगर है। आरोही मिडिल क्लास लड़की है। वह पारिवारिक वैल्यूज वाली लड़की है और गाती भी है। राहुल को यह पता चलता है और वह उसके करीब आता है। दोनों में प्यार होता है और फिर कहानी कहां जाती है, यह फिल्म में आप देखेंगे। लोगों का कहना है कि इस फिल्म की कहानी अमिताभ बच्चन और जया बच्चन की फिल्म `अभिमान' से मिलती-जुलती लगती है, लेकिन मैं जानती हूं कि कहानी एकदम अलग है।
ब्लॉक बस्टर करने की चाहत
मेरी फिल्म `लव का दि एंड' युवाओं को अच्छी लगी थी। पर 'तीन पत्ती' नहीं चली। तब मां-पिताजी ने समझाया कि असफलता से घबराना नहीं चाहिए। हमेशा अपनी फिल्मों को लेकर पॉजिटिव रहो। हां, लेकिन मन में तो आता ही है कि ब्लॉक बस्टर फिल्में करूं। मैं करण जौहर की फिल्म `गोरी तेरे प्यार में' भी कर रही हूं। फिल्म के डायरेक्टर पुनीत मल्होत्रा हैं और फिल्म में इमरान खान और करीना कपूर भी हैं।
इंडस्ट्री में और भी हैं
यह इंडस्ट्री बहुत बड़ी है। यहां हर किसी के लिए काम है। नए-नए डायरेक्टर भी नई सोच और नई स्क्रिप्ट के साथ आ रहे हैं। हर किसी को हर तरह के एक्टर चाहिए। इसमें कॉम्पिटिशन हो, तो और भी अच्छा। इससे उभरने का मौका मिलता है। दरअसल सच यह है कि `आशिकी-2’ के डायरेक्टर मोहित सूरी मेरे घर पर किसी और फिल्म की बात करने आए थे। मैंने उस वक्त चश्मा लगाया हुआ था और जूड़ा बनाया था। वह लुक मोहित को पसंद आ गया। उन्होंने आशिकी-2 का ऑफर दे दिया। मुझे भी स्क्रिप्ट अच्छी लगी और बात बन गई।
प्लानिंग में विश्वास नहीं
आगे की नहीं सोचती हूं। लेकिन तैयारी करती रहती हूं। आगे की सोचना अलग बात है और प्लान करना अलग। `आशिकी-2’ से उम्मीद है कि फायदा होगा। फिर मुझे लगता है कि मेरी फिल्में ही मेरे लिए प्लान करेंगी। आशिकी 2 की सफलता तय करेगी कि मेरा आगे का करियर किस तरह से चलेगा। मैं अभी इस बारे में नहीं सोचना चाहती।