संजय दत्त की जिंदगी की सबसे बड़ी फिल्म 'मुन्नाभाई एमबीबीएस' शाहरुख खान को करनी थी। सबकुछ तय हो गया था लेकिन फिर कुछ ऐसा हुआ कि यह फिल्म शाहरुख के हाथ से फिसलकर संजय दत्त को मिल गयी।
'मुन्नाभाई एमबीबीएस' बनाने वाले राजकुमार हिरानी इस फिल्म को बनाने से पहले छोटी-छोटी विज्ञापन फिल्में बनाया करते थे। हिरानी काफी समय से किसी फिल्म का लेखन और निर्देशन करना चाहते थे। उनका व्यस्त शेड्यूल इसकी इजाजत नहीं दे रहा था।
अंततः उन्होंने विज्ञापन बनाने का काम छोड़ दिया। उनकी पत्नी एक एयरलांइस में नौकरी करती थीं इसलिए परिवार चलाने का कोई संकट नहीं था। विज्ञापन का काम छोड़ने के बाद उन्होंने खुद को कमरे में बंद कर लिया।
लिखी गयी फिल्म की स्क्रिप्ट
तहलका को दिए एक विशेष इंटरव्यू में इस घटना का जिक्र करते हुए राजकुमार हिरानी कहते हैं कि खुद को 6 महीने कमरे में बंद करने के बाद उनके हाथ में 'मुन्नाभाई एमबीबीएस' की पटकथा थी। ऐसी पटकथा जिस पर फिल्म बनाने से वह डर भी रहे थे।
इस पटकथा को लेकर हिरानी पहली बार विधु विनोद चोपड़ा से मिले। इसलिए नहीं कि वह इस फिल्म को प्रोड्यूस करें बल्कि इसलिए कि वह उन्हें इस फिल्म के लिए हीरो और निर्माता सुझाएं। हिरानी फिल्म इंडस्ट्री के लिए बिल्कुल नए नाम थे।
शाहरुख से हुई बात
लंबे समय तक हीरानी को कोई प्रोड्यूसर नहीं मिला। इस दौरान हीरानी, विधु से लगातार मिलते रहे। पैसों की कमी पड़ती तो बीच-बीच में कोई विज्ञापन फिल्म बना लेते। एक दिन अचानक विधु विनोद ने कहा कि मैं इस फिल्म को प्रोड्सूर करूंगा तुम इस फिल्म के हीरो के लिए शाहरुख से बात कर लो।
हिरानी बहुत उत्साहित हुए। वह इस बात से फूले नहीं समा रहे थे कि वह अपनी पहली ही फिल्म शाहरुख जैसे सुपरस्टार के साथ बना रहे हैं। वह अपनी स्क्रिप्ट को लेकर शाहरुख के पास गए। शाहरुख उन दिनों 'देवदास' की शूटिंग कर रहे थे।
वह हिरानी को ज्यादा नहीं पहचानते थे। उन्होंने हिरानी से कहा कि तुम स्क्रिप्ट छोड़ जाओ मैं पढ़कर तुम्हें फोन करुंगा। हिरानी को इस बात का विश्वास कम ही था कि शाहरुख उन्हें फोन करके हां कहेंगे।
लेकिन हिरानी की सोच का उल्टा हुआ। शाहरुख को स्र्किप्ट अच्छी लगी और उन्होंने हिरानी को मुलाकात के लिए बुलाया। इस फिल्म को लेकर शाहरुख के मन में कई शंकाएं थीं। शाहरुख और हिरानी तीन से चार बार आमने-सामने बैठे। शाहरुख इस फिल्म को करने का मन बना चुके थे।
फिल्म करने के लिए राजी हुए शाहरुख
सब कुछ तय हो गया था यहां तक यह भी इस फिल्म में हीरोईन का रोल कौन करेगा। हिरानी शाहरुख के हिसाब से तारीखें तय करने में लगे थे। अब यहीं से चीजों में बदलाव होता है।
इस बीच शाहरुख अपने गर्दन के इलाज के लिए अचानक ही विदेश चले गए। उन्होंने स्पष्ट रूप से फिल्म करने के लिए न तो हां कहा था और न ही मना किया था। इंडस्ट्री में यह खबरें फैलने शुरू हो गईं कि शाहरुख कम से कम एक साल शूटिंग नहीं कर पाएंगे।
इस बात से हिरानी परेशान हो गए कि यदि वह शाहरुख का इंतजार करते हैं और शाहरुख यह कह देते हैं कि स्वास्थय की वजहों से वह फिल्म नहीं कर पाएंगे तब तो यह फिल्म बनने से पहले ही बैठ जाएगी।
शाहरुख गए और संजय आए
उन्होंने अपनी चिंता विधु विनोद के सामने रखी। विधु ने दो-टूक कहा कि हम शाहरुख को इस फिल्म से बाहर करके ही सोचों। हम उनके लिए एक साल का इंतजार नहीं कर सकते। इसके बाद विधु विनोद चोपड़ा ने हिरानी से इस फिल्म के लिए संजय दत्त से बात करने के लिए कहा।
संजय दत्त इस फिल्म में काम करने के लिए राजी हो गए, और अंततः इस फिल्म का निर्माण हुआ। यह फिल्म सुपरहिट रही। हिरानी भी मानते हैं कि मुन्ना के रोल में शाहरुख से संजय दत्त फिट थे।