रायमा सेन हिंदी फिल्मों में कभी-कभी दिखती हैं। ज्यादातर बंगाल में सिनेमा करती हैं। लेकिन उनकी बातों में साफ झलकता है कि बॉलीवुड में बड़ा मुकाम बनाना उनका ख्वाब है। इस साल दर्शक उनकी तीन फिल्में देखेंगे। सबसे पहले रिलीज होगी, बॉलीवुड डायरीज। यहां रायमा ऐसी सेक्स वर्कर बनी हैं जो हीरोइन बनना चाहती है। करियर और इस फिल्म को लेकर रायमा सेन से बातचीत की रवि बुले ने।
-आप सोलह-सत्रह साल से फिल्में कर रही हैं, लेकिन बांग्ला के मुकाबले हिंदी में कम काम है आपका। क्यों?
- मैं क्या करूं, हिंदी में मुझे बांग्ला जितने मौके नहीं मिले। यहां से मेरे पास गिनी-चुनी स्क्रिप्ट आती हैं। उसी में बेस्ट चुन लेती हूं। अगर मेरे पास यहां की पांच या छह स्क्रिप्ट्स होती हैं तो दो बेस्ट सिलेक्ट कर लेती हूं। वैसे बांग्ला में मैं सबसे बढ़िया डायरेक्टरों के साथ काम कर रही हूं। बहुत बिजी हूं। इसलिए सिर्फ नाम के लिए हिंदी फिल्म नहीं करूंगी।
-ऐसा तो नहीं कि बांग्ला फिल्में आपकी प्राथमिकता हैं?
- बिल्कुल नहीं। सच कहूं तो कई बड़ी बॉलीवुड फिल्मों के ऑफर भी मेरे पास आए जिन्हें मैं नहीं कर सकी। इसका मुझे आज दुख भी है।
-जैसे... किसी फिल्म का नाम...!!
- मोहब्बतें, डेल्ही बैली... मणिरत्म की एक फिल्म थी, अनुराग कश्यप के प्रोडक्शन की फिल्म थी। कई फिल्में हैं।
-कई ऐक्टरों के लिए काम मांगना कठिन होता है। यह कारण तो नहीं?
- यह भी कारण है। मैं आज तक किसी के ऑफिस में काम मांगने नहीं गई। इसलिए कई हिंदी डायरेक्टरों के साथ काम नहीं कर पाई। मैं चाहती हूं कि उनके साथ काम करूं लेकिन मुझे हमेशा लगता है कि जब कोई डायरेक्टर मेरी फिल्म देखेगा और उसे लगेगा कि मेरे लिए उसके पास रोल है तो वह फोन करके मुझसे यह बात कहेगा। बुलाएगा।