बिग बॉस सीजन 6 के पहले सप्ताह में बिग बॉस के घर से बेघर हुए दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार है। इनकी भोजपुरी फिल्म 'तिल गुम गंवा' काफी हिट रही थी जिससे इन्हें नेम-फेम मिला।
इतना ही नहीं निरहुआ को एमपी, यूपी और झारखंड में बतौर सिंगर भी खूब जाना जाता है। निरहुआ ने बिग बॉस के घर से बाहर आकर हाल ही में हमारी संवाददाता अनुराधा गोयल से विशेष बातचीत की। पेश है दिनेश से बातचीत के अंशः
बिग बॉस के घर में आपका एक सप्ताह का एक्सपीरिएंस कैसा रहा?
बहुत अच्छा रहा और शायद मैं बिग बॉस के घर में नहीं जाता तो जीवन में अधूरा रह जाता। बिग बॉस के घर में मैंने अपने जीवन की उन चीजों को देखा और सीखा जो मैंने आज तक नहीं सीखा था। वाकई मुझे बहुत अच्छा लगा यहां आकर।
क्या आपको पहले से ही आशंका थी कि आप इतनी जल्दी बिग बॉस के घर से बाहर आ जाएंगे?
हां बिल्कुल। मुझे ऐसा लगता है बिग बॉस के घर में और मैं जो काम करता हूं उसमें बहुत बड़ा फर्क है। और ये जरूरी भी नहीं हमारे जो फैन हैं हमारी फिल्मों के किरदार को पसंद करते हैं तो जरूरी नहीं कि वो हमारे रहन-सहन और उठने बैठने को भी पसंद करें।
आपको क्या लगता है वो कौन से ऐसे कारण या कमियां रही होंगी जिनकी वजह से आप इतनी जल्दी घर से बेघर हो गए?
मुझे ऐसा लगता है कि मेरे अंदर थोड़ी सी झिझक रहती है, मैं सबसे जल्दी खुल नहीं पाता हूं और संकोची स्वभाव का हूं, जो शायद लोगों को देखने में अच्छा नहीं लगा। मुझे ऐसा लगता है कि सब चाहते हैं जो बिग बॉस के घर में आए वो थोड़ा खुला हुआ, लोगों के सामने खुलकर आए लेकिन मैं थोड़ा दबा-दबा रहता हूं, बस यही एक कारण हो सकता है।
आप किस मकसद से बिग बॉस सीजन 6 में गए थे?
मैं कुछ नया सीखना चाहता था बिग बॉस से। मैं जब बिग बॉस देखा करता था तो मुझे लगता था ये वो घर है जहां व्यक्ति अपने क्रोध पर कंट्रोल कर ही नहीं सकता और ऐसी जगह पर जाकर ही मैं खुद का परीक्षण कर सकता हूं कि क्या मुझे मेरे गुस्से पर कंट्रोल है या नहीं।
वैसे तो मैंने अपने गुस्से को बहुत कंट्रोल किया है क्योंकि यहां सब मेरे आसपास मुझे चाहने वाले प्यार करने वाले लोग हैं, लेकिन बिग बॉस के घर के अंदर अलग-अलग विचारधाराओं वाले लोग होते हैं, वहां बहुत सारी दिक्कतें होंगी, बहुत सारी परेशानियां होंगी। वहां रहकर भी यदि मैं किसी को एक शब्द भी ना कहूं और जो है उसी में गुजारा कर पाऊं, तो मुझे समझ में आएगा कि मैं जो हूं वहीं हूं, कोई बनावटी आदमी नहीं हूं।
आपके सामने कोई ऐसा सिचुएशन आई कि आपको बहुत गुस्सा आया हो लेकिन आप शांत रहे?
मैं हमेशा कंट्रोल में रहा। मुझे कभी किसी पर कोई गुस्सा नहीं आया। सब मुझे बहुत अच्छे लगे। कहीं भी किसी पर मुझे ऐसा नहीं लगा कि मुझे क्रोध करना चाहिए।
आपको बिग बॉस के घर में कोई ऐसा सदस्य मिला जो आपको बेहद पसंद-नापसंद आया हो या फिर आपको किसी ने कोई कॉम्पलीमेंट दिया हो?
मुझे बिग बॉस के घर में सभी बहुत अच्छे लगे, सिद्दू पाजी की बात करूं तो वे बहुत अच्छे लगे मुझे। बाकी बिग बॉस के सभी सदस्यों से मेरी बहुत अच्छी दोस्ती थी, सबसे मेरी पटरी बैठी। मुझे दरअसल, बिग बॉस के घर में कोई प्रॉब्लम हुई नहीं। रही बात कॉम्पलीमेंट की तो सब मुझे अच्छा ही बोलते थे किसी ने कुछ बुरा कहा ही नहीं। मुझे कोई भी काम मिलता था तो उसे जरूर पूरा करता था ताकि कोई मुझसे नाराज ना हो।
इस बार आपको बिग बॉस में क्या कुछ नया देखने को मिला?
इस बार जो भी प्रतिभागी आए वे सच में बहुत ही अच्छे लोग हैं। और पहले के सीजन में मैंने देखा था कि जिन छोटी-छोटी बातों को लेकर लोग लड़ले लगते थे, यहां अब कम से कम ऐसे लोग नहीं है। और यहां बहुत ही सुलझे हुए लोग हैं, ये एक-दूसरे को समझ पाते हैं और छोटी-छोटी बातों को मुद्दा नहीं बनाते। अगर किसी से गलती हुई भी है तो उसे प्यार से समझा लेते हैं। एक-दूसरे से भिड़ने वाली कोई स्थिति नहीं थी यहां। मैं तो यही कहूंगा कि इस बार के प्रतिभागियों को बहुत ही अच्छे से चयन किया गया है।
आपको अगर बिग बॉस के घर में दोबारा जाने का मौका मिला या वाइल्ड कार्ड से एंट्री मिली तो क्या आप दोबारा जाना चाहेंगे?
बिल्कुल जाऊंगा, क्यों नहीं जाऊंगा। जितना एक सप्ताह में सीखा हूं और मौका मिला तो और सीखूंगा। जीवन तो महज सीखने के लिए ही है और मैं सीखने के लिए ही पैदा हुआ हूं। फिर चाहे मैं बिग बॉस के घर में रहूं या बाहर।
आप एक सप्ताह में ही बिग बॉस के घर से नॉमिनेशन की प्रक्रिया से बाहर आ गए तो क्या आपको ऐसा लगा कि आपके बजाय कोई और भी घर से बाहर आ सकता था?
नहीं कोई नहीं, पहली बार में तो मुझे ही बाहर आना चाहिए था। बाकी लोग काफी खुले थे और बहुत अच्छे से अपने आपको प्रजेंट कर रहे थे। मुझे लगता है कि मैं उसमें असफल रहा। मैं थोड़ा सा ओपन होने में हिचक रहा था। और मैं ऐसे अनायास कुछ नहीं कर पाता हूं, मैं किसी भी अंजान से अचानक से जाकर घुल-मिल नहीं पाता हूं। जो भी निर्णय हुआ है वो बेस्ट है उसमें कोई भी गलती नहीं है।
तो आप आप खुशी-खुशी बिग बॉस के इस फैसले को सलाम करते हैं?
बिल्कुल। जनता ने जो भी निर्णय लिया तो एकदम सही था, यदि मैं भी आम जनता में होता और बिग बॉस सीजन 6 देख रहा होता और मुझे नॉमिनेट करना पड़ता तो मैं सबसे पहले दिनेश निरहुआ को ही नॉमिनेट करता बाहर आने के लिए।
आप बिग बॉस सीजन 6 में किसे जीतता हुआ देखना चाहेंगे या आपके हिसाब से कौन इस बार विनर होगा?
सिद्दू पाजी।
आपको ऐसा क्यों लगता है कि सिद्दू पाजी ही विनर होंगे?
क्योंकि वो बहुत ही प्रतिभावान और बहुत ही समझदार व्यक्ति हैं। उनके पास अनुभव है और बिग बॉस का घर अनुभव के लिए है। जितना अनुभवी व्यक्ति होगा वो उतना सहजता से बिग बॉस के घर में सरवाइव कर पाएगा। हम लोगों के पास अनुभव नहीं था तो हम लोग अनुभव लेने में लगे हुए थे, लेकिन उनके पास इतना अनुभव है कि वो अपना अनुभव बांट रहे थे और अनुभवी आदमी को हर कोई प्यार करता है। घर में कोई ऐसा आदमी नहीं है जो सिद्दू पाजी को प्यार ना करता हो। 100 पर्सेंट उनको जीतना चाहिए और वो जीतेंगे।
बिग बॉस को कॉन्सेप्ट है कि 12-13 लोग घर में रहते हैं, एक पैटर्न बन गया है, आपके हिसाब से बिग बॉस के घर में या कॉन्सेप्ट में बदलाव होने चाहिए जो दर्शकों या प्रतिभागियों को खटकते हैं?
मुझे तो सबकुछ अच्छा लगा, बदलने जैसा तो कुछ भी नहीं था। सब कुछ एकदम अच्छा था रहने से लेकर खाने-पीने तक हर चीज की व्यवस्था ठीक से की गई थी। मुझे नहीं लगता कुछ और अलग करने की जरूरत है।
आमतौर पर देखा जाता है कि लक्जरी बजट को लेकर प्रतिभागियों के बीच खटपट हो जाती है, 24-24 घंटे के टास्क के लिए लगातार जगना, ये सब आपको ठीक लगता है?
हां बहुत अच्छा है। जीवन में ये रंग देखना पड़ता है, अगर व्यक्ति समय से इन चीजों को सीख ले तो ये सब आगे जीवन में काम आएगा।
आपको हिंदी फिल्मों और अन्य टीवी रियैलिटी शोज में जाने का मौका मिलता है तो क्या आप आएंगे?
जरूर- जरूर- जरूर आना चाहूंगा। जीवन में जो भी मौका मिलता है तो सब सीखने के लिए ही मिलता है। और मैं तो सीखने के लिए ही पैदा हुआ हूं कि मैं कुछ ना कुछ सीखता रहूं और मैं सीखता रहता हूं तो मुझे लगता है कि मेरा जीवन सही चल रहा है। और जिस दिन नहीं सीखता हूं तो लगता है कि ये दिन बेकार चला गया।
बिग बॉस के घर में आने से क्या आपने कॅरियर पर कुछ प्रभाव पड़ेगा आपके फ्यूचर प्लांस में कुछ बदलाव होगा?
कोई प्लान चेंज नहीं होगा, जो मेरा जीवन चल रहा था, वही चलेगा। मैं जेसे पहले काम कर रहा था वहीं काम आगे भी करता रहूंगा। जैसे मेरी पहले की दिनचर्या थी कि सुबह उठकर शूटिंग में जाना और शाम को खा-पीकर सो जाना, यही सब करूंगा आगे भी।
आपको एक्टिंग के अलावा और क्या कुछ करना पसंद हैं?
मुझे फिल्में देखने का बहुत शौक है। क्रिकेट खेलना पसंद करता हूं। आने वाली जनवरी में हमारी भोजपुरी टीम सेलिब्रिटी क्रिकेट लीग खेलने जा रही है जिसमें मैं भी हूं।
आपको डांस रियैलिटी शोज में कोई इंटरस्ट है?
डांस रियैलिटी शोज भी मुझे पसंद है, अगर मुझे वहां भी आने का मौका मिलता है तो सीखने के मकसद से मैं वहां भी जरूर जाउंगा। मैं मानता हूं मैं बहुत अच्छा डांसर नहीं हूं। लेकिन वहां गाने के जो रिहर्सल होते हैं उनकी कमी मैं महसूस करता हूं। मेरे दिल में है कि मैं बहुत अच्छा डांसर बनूं क्योंकि मुझे डांस से बहुत लगाव है और मुझे डांस सीखने का कभी मौका नहीं मिला आगे मौका मिला तो जरूर डांस सीखूंगा।