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अब इस शख्स की रहस्यमयी मौत मामले में फंसेंगे सलमान खान?

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बॉम्बे हाईकोर्ट दायर एक याचिका ने नये सिरे बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को मुश्किल में फंसा सकती है। इसमें एक शख्स की रहस्यमयी मौत का जिक्र करते हुए सलमान पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। याचिका दायर करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता का कहना है कि सलमान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
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याचिका दायर करने वाले इस शख्स का नाम है हेमंत पाटिल। इनका दावा है कि सलमान और उनसे संबंधित अन्य अज्ञात लोगों ने एक शख्स पर झूठ बोलने के लिए बेहिसाब दबाव डाला। याचिकाकर्ता के मुताबिक इन्हीं दबाव वाले दिनों में ही वो अचानक गायब हो गए।
कुछ दिनों बाद रहस्यमयी परिस्थितियों में उस शख्स की मौत हो गई। उसकी मौत का कारण उसकी बीमारी टीबी (तपेदिक) को बताया गया। याचिकाकर्ता ने इसमें साजिश का अंदेशा जताते हुए इसकी जांच कराने की मांग की है। याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई हो सकती है।
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सलमान से गहरा नाता है इस शख्स का

जिस शख्स को लेकर याचिका दायर किया जा रहा है, वो है रवींद्र पाटिल। जी हां, वही रवींद्र पाटिल जो सलमान खान की ‌जिंदगी के सबसे स्याह पन्ने 2002 हिट एंड रन केस के सबसे अहम चश्मदीद थे। बॉम्बे हाईकोर्ट में डाली गई एक हालिया याचिका में दावा किया गया है कि रवींद्र को दुर्घटना के संबंध में अदालत को सही और सच्ची जानकारी देना चाहते थे।
लेकिन उनपर जबर्दस्त डबाव डाला गया था। याचिका के मुताबिक रवींद्र सलमान और उनके सहयोगियों से इतने डरे हुए थे कि वह अदालत के सामने ही नहीं आए, जिसके चलते उन्हें जेल में बंद कर दिया गया। जेल से छूटने के बाद रवींद्र गायब हो गए। बाद में एक दफे फिर पुलिस की एक टीम ने उन्हें एक सूनसान पहाड़ी इलाके से गिरफ्तार किया।
इस दौरान उनकी हालत बेहद खराब हो चुकी थी। 4 अक्टूबर 2007 को अस्पताल में उनकी मौत हो गई। याचिकाकर्ता हेमंत पाटिल के वकील एन कचावे ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम एक गहरी साजिश है। इसकी जांच पर चौंकाने वाले सच सामने आ सकते हैं। 

क्या जानते थे रवींद्र, अदालत कुछ बताना चाहते थे?

अभियोजन पक्ष के गवाह रवींद्र पाटिल सिपाही थे। दुर्घटना के समय वे सलमान ख़ान के अंगरक्षक के तौर पर उनके साथ गाड़ी में मौजूद थे। पाटिल ने पुलिस को दिए अपने बयान में कहा था कि दुर्घटना के वक्त वो सलमान की बगल में बैठे हुए थे।
पाटिल ही थे जिन्होंने दुर्घटना के बाद शिकायत दर्ज कराई और सलमान पर शराब के असर में होने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि उन्होंने सलमान को चेतावनी दी थी, लेकिन वो इसके बावजूद बेतहाशा गाड़ी चलाते रहे।
पाटिल ने बाद में अपना बयान बदल दिया और अभियोजन पक्ष ने उन्हें बयान से मुकरने वाला गवाह करार दिया। पाटिल को इसके बाद पुलिस बल से भी निलंबित कर दिया गया। वर्ष 2007 में टीबी से उनकी मौत हो गई।

मामले की सुनवाई एकता कपूर के किसी धारावाहिक सी लगती है!

सलमान ख़ान के 2002 के हिट एंड रन मामले की सुनवाई एकता कपूर के किसी धारावाहिक सी लगती है. इस मामले में जिस तेजी से मोड़ आए उन्हें देख कर लगता है कि जल्द ही कोई निर्देशक इस केस पर फ़िल्म बना देगा.
मुंबई की एक सत्र अदालत में लगातार चल रही कार्यवाही के बीच मंगलवार को सलमान ख़ान मामले में अदालत अपना फ़ैसला सुनाएगी. नज़र डा‌लिए इस मामले के कुछ अहम बिंदुओं और इस मामले से जुड़े लोगों पर.
सितंबर 200228 सितंबर देर रात को एक टोयोटा लैंड क्रूज़र गाड़ी ने मुंबई के बांद्रा इलाके कि एक बेकरी के बाहर सो रहे लोगों को कुचल दिया. आरोप है कि ये गाड़ी सलमान ख़ान चला रहे थे.
हादसे में 4 लोग ज़ख़्मी हुए और एक आदमी की मौत हो गई. सलमान ख़ान को घटना की रात ही बैंडस्टैंड स्थित उनके घर से हिरासत में ले लिया गया था लेकिन फिर ज़मानत पर छोड़ा गया.
मार्च 2006सलमान ख़ान को पुलिस की ओर से दिए गए अंगरक्षक कांस्टेबल रवींद्र पाटिल को इस घटना के 4 साल बाद हिरासत में लिया गया. रवींद्र इस मामले के चश्मदीद थे लेकिन आखिर तक उन्होनें अपना बयान स्पष्ट नहीं किया कि सलमान गाड़ी चला रहे थे या नहीं.
पुलिस में रहते हुए भी पुलिस की मदद न करने के लिए उन्हें पुलिस बल से निलंबित कर दिया गया और गिरफ़्तारी के ठीक एक साल बाद तीन अक्तूबर 2007 को रवींद्र की टीबी से मौत हो गई.

एक के बाद एक साल, और साल दर साल...

अगस्त 2014सलमान के अदालत से नदारद रहने से मामले की धीमी रफ़्तार पर फ़टकार के बाद सलमान के परिवार से किसी एक व्यक्ति ने अनिवार्य तौर पर अदालत में आना शुरू किया. लेकिन पुलिस ने कोर्ट को बताया की मामले से जुड़ी डायरी खो गई है जिसमें 63 चश्मदीदों में से 55 के बयान थे.
मार्च 201527 मार्च को सलमान अदालत में बयान देने हाज़िर हुए और उन्होनें कहा, "मैं नशे मैं नहीं था और न ही गाड़ी चला रहा था. ड्राइविंग सीट पर मेरा ड्राइवर अशोक था जब ये हादसा हुआ."
सलमान ने ये भी कहा कि अल्कोहल के लिए की गई खून की जांच में सही तरीका नहीं अपनाया गया.
सलमान ने कहा, "खून की जांच करने वाला व्यक्ति बाला सिंह एक्सपर्ट नहीं था और उसने सही जांच नहीं की."मार्च 2015
31 मार्च को सलमान के ड्राइवर अशोक सिंह ने खुद के ड्राइविंग सीट पर होने की बात मान ली. ये डिफ़ेंस के केस को सबसे बड़ा झटका था. अशोक सिंह ने अदालत में कहा, "पुलिस मेरा यकीन नहीं कर रही थी इसलिए मैं इतने साल चुप रहा लेकिन उस दिन गाड़ी मैं ही चला रहा था ".
अशोक कि पत्नी अनीता सिंह ने मुंबई से बाहर जाने के एक दिन पहले मुंबई मिरर को दिए एकमात्र साक्षात्कार में कहा था, "मेरे पति ने मुझसे कभी नहीं कहा कि वो उस दिन गाड़ी चला रहे थे. हमारी कभी ऐसी कोई बात नहीं हुई."
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क्या सलमान इस मामले में बच जाएंगे या एक दिन जाना पड़ेगा जेल?

अप्रैल 2015सलमान के वक़ील ने कहा कि मीडिया सलमान के विरूद्ध माहौल बना रहा है. इसके अलावा सलमान के वकील ने ये भी कहा कि जिस आदमी की मौत हुई वो गाड़ी की टक्कर से नही बल्कि क्रेन से गाड़ी उठाते समय घायलों पर गाड़ी गिर जाने से हुई.
ये सीधा सीधा पुलिस के पर आरोप था, यानी पुलिस की लापरवाही से घायल की मौत हुई टक्कर से नहीं.
मई 2015मामले के जज डीडब्लू देशपांडे जो 12 साल से केस की सुनवाई कर रहे है, उनका तबादला दूसरी जगह हो गया है, हालांकि वे 6 मई को अपना फैसला सुनाकर ही अपनी नई ज़िम्मेदारी संभाली. उन्होंने सलमान को दोषी ठहराया। मामला हाईकोर्ट में है। सलमान जमानत पर हैं।
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