हमेशा जवान दिखने की चाहत भला किसमें नहीं होती। अगर आप भी हमेशा जवान दिखने की चाहत में है तो ब्यूटी पार्लर के चक्कर लगाना छोड़ दें और योग अपनाएं, प्रतिदिन गर्भासन का अभ्यास करें। इस आसन के अभ्यास से न सिर्फ त्वचा में चमक आ जाएगी बल्कि शरीर भी हेल्दी और फिट रहेगा।
कैसे करें गर्भासन
घर में या पार्क में समतल स्थान पर कंबल या चटाई बिछाकर बैठ जाएं। सबसे पहले दोनों पैरों को मोड़कर पद्मासन की मुद्रा में आ जाएं। इसके बाद अपने हाथों को जंघा व पिंडलियों के बीच से फंसाकर कोहनियों तक बाहर निकालें और दोनों कोहनियों को मोड़ते हुए दोनों घुटनों को ऊपर की ओर उठाएं। शरीर को संतुलित रखते हुए दोनों हाथों से दोनों कान को पकड़े। शरीर का पूरा भार नितंब पर डालें। इस स्थिति में एक से पांच मिनट तक रहें फिर धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौट आएं।
गर्भासन के लाभ
यह आसन शरीर को हल्का करता है तथा रक्त संचार को सुचारू करता है। इस आसन के अभ्यास से रीढ़ की हड्डी मजबूत व लचीली होती है। यह पेट की तकलीफों को दूर करता है और भूख को बढ़ाता है। स्त्रियों के लिए यह आसन बहुत ही लाभकारी है। इसके अभ्यास से गर्भाशय से संबंधित सभी प्रकार की तकलीफ दूर हो जाती हैं। 15 वर्ष से लड़कियां अगर इस आसन का अभ्यास करें तो उन्हें गर्भाशय से सम्बन्धित किसी भी प्रकार की समस्या होने की आशंका नहीं रहती है।
सावधानी
शुरू में इस आसन का अभ्यास करना कठिन हो सकता है इसलिए अधिक परिश्रम नहीं करें। प्रतिदिन अभ्यास से गर्भासन करना आसान हो जाता है। इस आसन का अभ्यास खाली पेट करें अथवा भोजन के तीन से चार घंटे के बाद कर सकते हैं।
गर्भवती स्त्रियों को इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए। प्रसव के 40 दिन बाद से पुन: इसका अभ्यास किया जा सकता है।