पढा था।
दो भाई एक बहन अंतिम समय अपने
पिता के पास बैठे थे।
पिता ने तीनो से कहा में तुम्हें कुछ
सपने तुम्हारी आने
वाली पीढियों के लिए कुछ
देना चाहता था।
तीनों संताने
तीनों संताने एक साथ बोली ............. पिता जी आपने सब तो दे दिया अब कुछ नही चाहिये........ पिताजी बोले... नही मुझे पता था की समय आने के पहले ही मेरे प्राण निकल जाएगे इस लिए मेने पूजा घर मे मूर्ति के नीचे लिख कर रखा है जो तुम्हारे और परिवार का भविष्य सुधार देगा।
इतना बोल पिताजी चिर निद्रा मैं लीन हो गये................ क्रिया कर्म के बाद याद आने पर बेटी पूजा घर में रखा कागज ला कर पढने लगी ...... आखो में आसूं थे................ भाई ने पूछा क्या लिखा है बता.................... ............ . . . . . . . . . . . . . "अब की बार मोदी सरकार"