संतोः अरे बहन, तुम्हारे बेटे और बेटी की हाल में शादी हुई न। कैसे हैं तुम्हारे दामाद और बहू?
बंतोः पूछो मत बहन। मेरी बहू बहुत बुरी है। रोज देर से उठती है और मेरा बेटा उसके लिए चाय बनाता है, घर का कोई काम नहीं करती और जब देखो बाहर से खाना मंगाने के लिए कहती रहती है।
संतोः ओह! और तुम्हारे दामाद कैसे हैं?
बंतोः बहन बस उन्हीं का सहारा है। वह तो फरिश्ता हैं। रोज मेरी बेटी को चाय बनाकर पिलाता है और वो आराम से उठती है, उसे घर का कोई काम करने नहीं देता और उसे अक्सर बाहर खाना खिलाने ले जाता है, भगवान ऐसा दामाद सबको दे।