अभिनेत्री काजोल मानती हैं कि मौजूदा दौर में महिलाओं की तुलना में पुरुषों के लिए ज़िंदगी बहुत आसान है। उनके लिए अपने क्षेत्र में कामयाबी पाना बहुत आसान है।
काजोल के मुताबिक़ देश में महिलाओं की स्थिति वाकई बेहद चिंताजनक है। दिल्ली में एक किताब के विमोचन समारोह में बोलते हुए काजोल ने अपनी बातें रखीं।
'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे', 'बाज़ीगर', 'कुछ कुछ होता है' जैसी सुपरहिट फ़िल्में दे चुकीं काजोल मानती हैं कि महिलाओं के लिए आज़ादी से जीना दूभर होता जा रहा है और इस स्थिति को दूर करने के लिए पुरुषों की सोच बदलनी बहुत ज़रूरी है।
'संघर्ष'
काजोल ने कहा, "एक महिला का जीवन संघर्ष से भरा होता है। इन संघर्षों से उबरकर सफलता पाना उसके लिए बहुत मुश्किल है, ख़ासतौर से भारत में।
पुरुष कहने को तो हर शुभ काम को करने से पहले देवियों की पूजा करते हैं लेकिन फिर वही पुरुष अपनी बेटियों और पत्नियों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं। उन्हें मारते पीटते हैं। इसलिए महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए पुरुषों की सोच बदलनी बहुत ज़रूरी है।"
काजोल ने देश की 'ख़राब कानून व्यवस्था' को भी महिलाओं की 'बुरी हालत' के लिए ज़िम्मेदार बताया।
उन्होंने कहा, "कानून को सही तरीक़े से अमल में लाना बहुत ज़रूरी है। साथ ही ये देखना भी ज़रूरी है कि किसी इलाके विशेष के पुलिस थाने सही काम कर रहे हैं या नहीं।
हम अक्सर ही सुनते हैं कि पुलिस महिला पीड़ितों की एफ़आईआर दर्ज करने में ही आनाकानी करती है।" इस मौक़े पर सांसद प्रिया दत्त, सौंदर्य विशेषज्ञ शहनाज़ हुसैन और गायिका सोना महापात्रा भी मौजूद थीं।