फिल्मों में अलग-अलग भूमिकाएं करने वाले जिमी शेरगिल आठ मार्च को रिलीज हो रही तिग्मांशु धूलिया निर्देशित फिल्म 'साहब बीवी और गैंगस्टर रिटर्न्स' के मुख्य किरदार में नजर आएंगे। जिमी का कहना है कि इस फिल्म में पिछली फिल्म से ज्यादा मसाला है। विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि 'साहब बीवी और गैंगस्टर' की कहानी में इतनी दम है कि इसकी तीसरी किश्त भी आ सकती है। पेश है जिमी शेरगिल के साथ हुई बातचीत के चुनिंदा अंश,
इस बार 'साहब बीवी और गैंगस्टर रिटर्न्स' में आपका किरदार और फिल्म की कहानी क्या नयापन लिए होगी?
फिल्म सीक्वल जरूर है लेकिन इस बार कहानी और मेरा किरदार दोनों ही नए अंदाज में दिखेंगे। पहले वाले पार्ट में मेरे किरदार के पास पावर थी, हर चीज पर कंट्रोल था इस बार भी पावर है लेकिन चीजों पर कंट्रोल नहीं हैं। इस बार साहब व्हील चेयर पर है। इस किरदार में महत्वाकांक्षा के साथ साथ उसके गुस्से, जलन और घुटन को भी दर्शाना था। जो मेरे लिए बहुत ही अलग था।
जहां तक कहानी की बात है तो इस बार कहानी को काफी भव्य तरीके से पेश किया गया है। जिन राजा महाराजा का पिछले पार्ट में सिर्फ जिक्र किया गया था, इस बार वे भी परदे पर नजर आएंगे। इस फिल्म में कई सारे रहस्य और भी गहरे हो गए हैं।
पिछली फिल्म में रणदीप थे इस बार इरफान, काम करने का अनुभव कैसा रहा है?
दोनों बिल्कुल ही अलग तरह के एक्टर है। रणदीप सेट पर बहुत ज्यादा हंसी मजाक करने में माहिर थे जबकि इरफान सीरियस है। वे भी खिंचाई करते हैं लेकिन मूड होने पर। वैसे इरफान और मैं 'हासिल' में काम कर चुके हैं। एक दूसरे के काम करने के तरीके से हम वाकिफ हैं। वह बेहतरीन एक्टर हैं। सामने वाला अभिनेता भी उनको देखकर अपना बेस्ट ही देगा।
सुनते हैं कि इस फिल्म में आप काफी बोल्ड नजर आ रहे हैं?
जब आप फिल्म कर रहे हैं तो आप पूरी फिल्म देखते हैं न कि एक सीन को। वैसे स्क्रिप्ट की मांग के अनुसार कुछ बोल्ड़ सीन होने पर कोई परेशानी नहीं है लेकिन जबर्दस्ती सिर्फ आंखो को लुभाने के लिए सीन को ठूंसना गलत है। मुझे नहीं लगता कि 'साहेब बीवी और गैंगस्टर रिटर्न्स' सिर्फ उस सीन के लिए जानी जाएगी। यह फिल्म अपनी स्क्रिप्ट, सस्पेंस और बेहतरीन डायलॉग की वजह से चर्चित और हिट होगी। वैसे मैं फैमिली पर्सन हूं। परदे पर मैं कुछ भी नहीं कर सकता हूं। मेरी अपनी सीमाएं हैं।
जब भी कोई सीक्वल फिल्म रिलीज होती है तो उस सफलता को भुनाने की कोशिश शुरू हो जाती है। इस मकसद से कितनी अलग है 'साहब बीवी और गैंगस्टर रिटर्न'?
मैं इस बात को मानता हूं कि फिल्म की सफलता ने निश्चित तौर पर फिल्म के सीक्वल को बनाने की एक और वजह दी है लेकिन तिग्मांशु हमेशा से चाहते थे कि वह साहब बीवी और गैंगस्टर की कहानी को सीरिज में कहें। किरदार वहीं रहे लेकिन कहानियां नयी हो। यही वजह है कि पहले पार्ट में कहानी को इस तरह से खत्म किया था जिससे यह अंदाजा लगाना आसान था कि इस फिल्म के सीक्वल की भी तैयारी है। यह बात फिल्म के निर्देशक कह भी चुके हैं। वैसे इस सीरिज के बाद 'एक और साहब बीवी और गैंगस्टर' की कहानी तिग्मांशु के पास रेडी है। उम्मीद है जल्द ही 'साहब बीवी और गैंगस्टर' का तीसरा पार्ट भी शुरु होगा।
निर्देशक के तौर पर तिग्मांशु को कितना अलग पाते हैं?
तिग्मांशु मेरे दोस्त है। 'हासिल' के वक्त से ही हमारी अच्छी दोस्ती हो गयी थी। इंडस्ट्री में मेरे और भी कई निर्देशक फ्रेंड है लेकिन तिग्मांशु उनसे अलग हैं। वह कलाकार की कद्र करते हैं, बॉक्स ऑफिस के आंकड़ो की नहीं। जब वह पहले पार्ट में मुझे ले रहे थे तो कईयो ने उन्हें राय दी कि मेरी बजाए किसी और अभिनेता को लेना चाहिए लेकिन तिग्मांशु को मुझ पर भरोसा था और इस भरोसे के लिए मैं उनका शुक्रगुजार हूं।
जहां तक निर्देशक के तौर पर अलग होने की बात है तो वह बहुत अच्छे एक्टर हैं, इसलिए बेहतरीन डायरेक्टर भी हैं। उनकी फिल्मों से जुड़ना मैं अपनी खुशकिस्मती मानता हूं। तिग्मांशु के साथ काम करने के लिए आपको होमवर्क करना मतलब और मुश्किल में फंसना है। इसलिए इस फिल्म की शूटिंग के वक्त आराम से सोता था खाता और सेट पर पहुंच जाता था। सर मुझे बताते थे कि क्या करना है। डायलॉग बोलने से लेकर फेश के एक्सप्रेशन तक सब कुछ।
आपकी ज्यादा सफल फिल्में मल्टीस्टारर रही हैं, क्या यह बात आपको असहज करती है?
मेरे लिए काम अहम है। फिल्म सोलो हो या मल्टीस्टारर, इससे मुझे फर्क नहीं पड़ता क्योंकि लोग मेरे काम से मुझे जज करेंगे न कि किसी और स्टार के काम से। किसी और स्टार ने अच्छा काम किया है और मैंने बुरा तो क्या आप मेरे काम की भी तारीफ करोगे। वैसे मौजूदा दौर मल्टीस्टारर फिल्मों का है। रीमेक और सीक्वल फिल्में करने में भी मुझे कोई गुरेज नहीं है। अगर किसी फिल्म का क्लाइमेक्स खुला है, तो उसकी सीक्वल बनाने में कोई हर्ज नहीं है। ‘साहब बीवी और गैंगस्टर’ के आखिर में मेरे किरदार की मौत नहीं होती है, यानी इसके बाद भी आगे की कहानी की गुंजाइश थी।
'स्पेशल छब्बीस' की हालिया सफलता कितनी खास है?
बहुत खास है क्योंकि इस फिल्म में अपनी मौजूदगी को लेकर मैं डरा हुआ था। दरअसल नीरज मेरा दोस्त है और मैंने उसकी हर फिल्म की स्क्रिप्ट पढ़ी है। 'ए वेडनसडे' में दो पुलिस वालों के किरदार में से नीरज ने मुझसे पूछा था कि मैं कौन सा वाला करना चाहता हूं। हालिया रिलीज फिल्म 'स्पेशल छब्बीस' में मैं एक ऐसे पुलिस वाले के किरदार में था जो 'ए वेडनसडे' से बिल्कुल अलग था। फिल्म का क्लाईमेक्स मेरे उपर ही था। मैंने नीरज को कहा भी कि कहीं लोगों को शक न हो जाए और फिल्म शुरु होने से पहले खत्म हो जाए। मैंने नीरज को बोला कोई नया चेहरा लो लेकिन नीरज को मुझ पर भरोसा था।
यशराज बैनर की 'मोहब्बतें' आपकी लांचिंग फिल्म मानी जाती हैं, मौजूदा दौर में यशराज एक के बाद एक फिल्में बना रहे हैं क्या कभी आपको कोई ऑफर आया है?
नहीं, मुझे लगता है कि जब आदित्य चोपड़ा को मेरे लायक कोई रोल नजर आएगा तो वे जरूर मुझे कॉटेक्ट करेंगे। वैसे मैं हमेशा से ही यशराज परिवार के करीब रहा हूं।