"मेरे दिल के किसी कोने में एक मासूम सा बच्चा, बडों की देख के दुनिया बड़ा होने से डरता है"जी हां, ये पंक्तियां नवज्योत सिंह सिद्दू ने बिग बॉस के घर में कदम रखने से पहले कहीं थीं। नवज्योत ने एक सांसद, एक कॉमेडियन, एक कमेंटेटर और टीवी पर्सनेलिटी के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई। यही कारण है आज नवज्योत सिंह सिद्दू हर फील्ड में जाने जाते हैं। इस बार नवज्योत एक नए अवतार में दिखाई देंगे और ये अवतार उनका असली मुखौटा होगा यानी जैसे वे असल जिंदगी में हैं। इस बार नवज्योत सिंह सिद्दू 'बिग बॉस सीजन 6, अलग 6' के घर में प्रवेश कर चुके हैं। बिग बॉस के घर में जाने से पहले सिद्दू जी ने अमर उजाला से खास बातचीत की। पेश है अनुराधा गोयल से नवज्योत सिंह सिद्दू की बातचीत के कुछ अंशः
बिग बॉस में आने की वजह क्या है, आपने बिग बॉस के घर में आना क्यों स्वीकारा?
देखिए, इंसान अपनी पहचान कभी नहीं खोता। क्रिकेट और टेलीविजन ये मेरा प्रोफेशन है, ये मेरी पहचान है, नाम ही खो दूंगा तो किधर जाउंगा। पहचान खो दूंगा तो बिखर जाउंगा। इसीलिए टेलीविजन के किसी भी अवसर को मैं जरूर करता हूं। राजनीति मेरे लिए मिशन है और टीवी मेरा प्रोफेशन है। जो लोग वकालत करते हैं उन्होंने अपनी वकालत तो नहीं छोड़ दी।
इसीलिए बिग बॉस में आना मेरे लिए मछली का पानी में जाना जैसा है। मेरे लिए यहां अपने अस्तित्व से मुलाकात है। मैं वो चीज जरूर करता हूं जिसे करके मुझे खुशी,संतुष्टि और तृप्ति मिलती है। मैं वहां सीखने जा रहा हूं। मुझे लगता है जो काम आदमी सहज तरीके से कर पाए। उसे वही काम करना चाहिए।
आपका काम लोगों से डायरेक्ट कम्यूनिकेट करने का है, लोगों के बीच रहना है तो ऐसे में तीन महीने बिग बॉस के बंद घर में आप कैसे सरवाइव कर पाएंगे?
मैं आपको एक बात बता दूं, कि ये जो नवज्योत सिंह सिद्दू के बहुत से मुखौटे हैं ना, लाफ्टर चैलेंज का मुखौटा, पॉलिटिशियन का मुखौटा, क्रिकेटर का मुखौटा, मोटीवेशन स्पीकर का मुखौटा, ये सब गिर जाएंगे। और जो असलियत है वो उभर कर सामने आएगी।
आपने देखा है झील में कभी-कभी हलचल ज्यादा होती है, तो सतह नहीं दिखती। मिट्टी से धुंधला दिखता है, लेकिन जब वो मिट्टी नीचे जाकर सैटल हो जाती है तो झील की सतह दिखने लग जाती है और उसमें पूर्णिमा का चांद दिखता है। मैं समझता हूं कि बिग बॉस के घर में आपको सतह दिखने लग जाएगी और नीचे की असलियत भी दिख जाएगी।
'बचिए ऐसे लोगों से जिनकी फितरत छिपी रहे,नकली चेहरा सामने आए, असली सूरत छिपी रहे
असली सूरत जो नवज्योत सिंह सिद्दू कि है वो इस शो से आपके सामने आएगी, क्या आप जानते हैं मैं प्याज-लहसून नहीं खाता, मैं अन्न भी नहीं खाता। क्या आप जानते हैं मैं घंटों ध्यान में रहता हूं, यदि नहीं, तो इस शो में वो सब भी जान जाएंगे।
तो क्या आप इस शो में इस मकसद से जा रहे हैं कि आप वास्तविक जीवन में क्या हैं, लोगों को ये बता सकें?
नहीं, मैं इस मकसद से बिग बॉस में नहीं जा रहा हूं, इस शो में जाने का मेरा मकसद बहुत ही सिंपल है। मैं बिग बॉस की जिंदगी में खिलखिलाहट लाने जा रहा हूं। मुस्कान लाने जा रहा हूं। मैं एक सोच को लेकर जा रहा हूं, एक विचारधारा को लेकर जा रहा हूं।
लोग पैदा होते हैं, मरते हैं, लेकिन विचारधाराएं नहीं मरती। वो हमेशा सजग रहती हैं, जागरूक रहती हैं, अमर रहती है, बस इसी विचारधारा से जुड़ने जा रहा हूं, जो सकारात्मक है। अपना रास्ता खुद बनाना जानती हैं। बिग बॉस पर जो काफी समय से ग्रहण लगा हुआ है, कि बिग बॉस अछूत है, बिग बॉस में जाना खुदखुशी है। इस धारणा को तब्दील करने आ रहा हूं।
भूल गए प्रताप शिवा को, याद दिलाने आया हूं, विद्रोही हूं, विद्रोही हूं, विद्रोह मचाने आया हूं।
इस शो में आप मेरा विद्रोह देखेंगे।
आपका एक कॉमेडी अवतार भी है, तो क्या कॉमेडी का अनुभव इस शो में काम आने वाला है, लोगों को हंसाने या उनके चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए?
मेरी एक बात जान लीजिए, मेरे बहुत से अवतार हैं, आप बाजार में जाएंगे तो 2 इन 1 मिलेगा, 3 इन 1 मिलता है, लेकिन मैं ऑल इन वन हूं। ये ऑल इन वन होना भी बहुत बड़ी बात होती है। द ऑल इन वन का मतलब क्रिकेट, कॉमेन्ट्ररी, टेलीविजन, पॉलिटिक्स बहुत कुछ है। इसीलिए आप इस शो को देखें।
अब तक बिग बॉस बेहद कंट्रोवर्शियल रहा है और इस बार कहा जा रहा है कि ये एक फैमिली एंटरटेनिंग शो होगा, तो आपका इस बारे में क्या कहना हैं?
कमल का फूल कंट्रोवर्सी नहीं देखता। कीचड़ में उगता है लेकिन अपने गुणों की वजह से अपने ऊपर छींटे पड़ने नहीं देता।
तो क्या आपको पूरा भरोसा है इस बार ये पारिवारिक शो ही होगा?
मैं तो कहता हूं,
जो तू चाहता है, वो ना तेरे सन्यास में है,ना तेरे उपवास में है, वो तेरे विश्वास में है
मेरा विश्वास कीजिए, बिग बॉस का विश्वास कीजिए, आप इस शो को देखिए, इस बार बिग बॉस के शो का कायाकल्प होगा।
आपने शो को जीतने के लिए कोई खास स्ट्रेटजी अपनाई है?
मेरी कोई स्ट्रेटजी नहीं है। मैं सत्य का पुजारी हूं। गांधी जी कहने को हाड़मास का पुतला थे कोई धकेल देता तो गिर जाते लेकिन उनमें दम था, इसीलिए हाड़मास का पुतला मिटने के बाद भी गांधी जिंदा हैं। मैं सत्य पर खड़ा हूं और सत्य कभी पराजित नहीं होता।
आप अपने साथ बिग बॉस में किस सेलिब्रिटी को देखना चाहेंगे?
मैं सबको पसंद करता हूं। कोई भी आ जाए। जिसको मैं पसंद करता हूं, जिसका मैं फैन हूं वो यहां नहीं है। माइकल जॉडर्न यहां नहीं आ सकते तो फिर मैं काहे के ख्वाब देखूं।
आपने अलग-अलग क्षेत्रों में काम किया है, आप अपने आपको किस फील्ड में ज्यादा कंफर्टेबल पाते हैं?
मैं हर जगह कंफर्टेबल हूं। मैं गांव में पला-बढ़ा। मैंने हांडी की एक दाल से भी अपना पेट भरा है। मैं फाइव स्टार होटल में भी रहा हूं। पानी जिस रंग में ढल जाता है, हमारा भी वही हाल है। कपड़े पर जो भी रंग चढ़ा दो चढ़ जाता है। साहसी वीर-पुरूष की निशानी है कि या तो वो परिस्थितियों को अपने अनुसार ढाल लेता है, या अनुकूल परिस्थितियां पैदा कर देता है।
नवज्योत सिंह सिद्दू अपने आप में नामी नाम है, ऐसे में आप इंडस्ट्री में अपने आपको कहां पाते हैं?
अगर नवज्योत सिंह सिद्दू अपने आप में अलग पहचान है तो बिग बॉस भी इस बार अलग होगा। इस बार वाकई आपको बिग बॉस अलग और डिफरेंट मिलेगा। इसका जायका अलग है, तड़का अलग है। जैसे तड़के के बिना दाल बेकार लगती है, देसी घी का तड़का लगाते ही दाल खुशबू भी मारती है और इसका स्वाद भी अलग होता है। इस बार बिग बॉस का जायका भी बदल जाएगा।
आप जाते-जाते दर्शकों के लिए कोई संदेश देना चाहेंगे कि वो बिग बॉस पारिवारिक शो की तरह देखें?
मृत अतीत को दफना डालो,अनंत भविष्य तुम्हारे सामने खड़ा है
तुम्हारा हर शब्द, तुम्हारा हर विचार, तुम्हारा हर कर्म तुम्हारे भविष्य का निर्माण करेगा, और एक नई चीज का निर्माण करेगा।
छोडों कल की बातें, कल की बात पुरानी,नए दौर में लिखेंगे, मिलकर नई कहानी, बिग बॉस की जुबानी।