यशराज बैनर की फिल्म 'औरंगजेब' से बॉलीवुड में कदम रखने जा रही साशा आगा तीन दशक पहले बड़े परदे पर धूम मचा चुकी सुपरिचित हीरोइन सलमा आगा की बेटी हैं। इस फिल्म में वे 'इशकजादे' फेम अर्जुन कपूर के अपोजिट हैं।
फिल्मी गलियारों में साशा की इसलिए भी चर्चा हो रही है कि पहली ही फिल्म में उन्होंने जमकर अंगप्रदर्शन किया है। साशा ने अमर उजाला से बात करते हुए अपनी पहली फिल्म के साथ अपने कॅरियर प्लानिंग पर चर्चा की,
आप बॉलीवुड के सबसे बड़े बैनर की फिल्म के जरिए अभिनय के क्षेत्र में उतर रही हैं। इतना बड़ा मौका कैसे मिला?
जब मुझे पता चला कि 'औरंगजेब' के लिए नई हीरोइन की तलाश की जा रही है, तो सैकड़ों लड़कियों की तरह ही मैंने स्क्रीन टेस्ट दिया था। ऊपर वाले का शुक्रिया है कि मुझे चुन लिया गया।
सलमा आगा की बेटी होने का भी फायदा हुआ होगा?
जी नहीं, जब कास्टिंग डायरेक्टर ने मुझे चुन लिया, तब मैंने बताया कि मेरी मां सलमा आगा हैं। मुझे सिर्फ अपने टेलेंट के बल पर ही यह फिल्म मिली है।
टैलेंट के बल पर या अंग प्रदर्शन के बल पर?
यह सही है कि इस फिल्म में मैंने काफी एक्सपोज किया है, लेकिन यह किरदार की जरूरत थी। वैसे भी बॉलीवुड में पहचान बनाने के लिए हर किस्म के रोल करने ही पड़ेंगे। मुझे बोल्ड किरदारों से कोई दिक्कत नहीं है। मुझे अंग प्रदर्शन करने में कोई परहेज नहीं।
पहली ही फिल्म में आपको ऋषि कपूर, जैकी श्रॉफ और अमृता सिंह जैसे दिग्गज कलाकारों के साथ काम करने का मौका मिला है। इनसे आपने क्या कुछ सीखा?
इसमें कोई शक नहीं है कि मुझे पहली ही फिल्म में इतने नामी अदाकारों का साथ मिला है। मैंने शूटिंग के दौरान महसूस किया कि मैं कितनी लकी हूं।
अपने हीरो अर्जुन कपूर के बारे में क्या कहना है। उनका तो डबल रोल है फिल्म में?
अर्जुन ने अपनी पहली ही फिल्म इशकजादे में बता दिया था कि वे कितने प्रतिभाशाली हैं। मुझे उनमें सबसे अच्छी बात यह लगी कि वे बहुत विनम्र व्यक्ति हैं।
आप बॉलीवुड में काम कर रही पाकिस्तानी अदाकारा हैं। इस बात को आप किस तरह से लेती हैं?
सबसे पहली बात यह है कि हम पाकिस्तानी नहीं हैं। हमारे पूर्वज ईरान के हैं। मेरी मां पिछले तीस वर्षों से मुंबई में रह रही हैं। मेरी स्कूलिंग यहीं हुई है। बाकी पढ़ाई मैंने अमेरिका और दुबई में की है।