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जन्मदिन विशेषः तब्बू, एक हरफनमौला अभिनेत्री

Mon, 05 Nov 2012 09:46 AM IST
रोहित मिश्र
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4 नवंबर को 41 साल की हुईं हरफनमौला अदाकारा तब्बू जितना हिंदी फिल्मों की चहेती हैं उन्हें उतना ही प्यार तेलुगू, तमिल और मलयालम फिल्मों से भी मिला। तब्बू ने उस दौर में अपना फिल्मी कॅरियर शुरू किया जिस समय बॉलीवुड पूरी तरह से नायक प्रधान हो चला था।
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20 साल से अधिक लंबे अपने फिल्मी जीवन में तब्बू ने लगभग हर किस्म की भूमिकाएं की। तब्बू का इस बात पर फोकस हमेशा रहा है कि उनकी इमेज एक हरफनमौला अभिनेत्री के रूप में बने। फिल्मों के चयन के मामले में तब्बू को 'लेडी आमिर खान' भी कह सकते हैं।

कॅरियर के पीक पर आमतौर पर नायिकाएं चार्मलेस भूमिकाएं करने से बचती हैं। तब्बू ने इसके उलट माचिस फिल्म तब की जब वह मुख्य धारा की फिल्मों की नायिका थीं। तब्बू ने ऐसी फिल्मों को करने में भी खासी दिलचस्पी दिखाई जिन्हें आमतौर पर अभिनेत्रियां नॉन कर्मिशयल फिल्म कहकर मुंह बिचका लेती हैं।
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'बॉर्डर' फिल्म के बाद तब्बू पारंपरिक नायिका की भूमिका में नहीं दिखीं। 'चाची 420', 'कोहराम', 'हू-तू-तू', 'तक्षक', 'अस्तित्व', 'मां तुझे सलाम' जैसी वह फिल्में थीं जिनमें तब्बू फिल्म की नायिका तो थीं लेकिन उनकी भूमिका पेड़ के इर्द-गिर्द नाचने से परे थी।

2003 में रिलीज हुई फिल्म 'मकबूल' से तब्बू की दूसरी पारी मान सकते हैं। ऐसे ही ऑफबीट किरदारों को तब्बू ने 'फना' और 'चीनी कम' जैसी फिल्मों से और भी जींवत किया। इस बीच तब्बू बीच-बीच में भाषाई फिल्में भी करती रहीं। 'द नेमसेक' और आने वाली फिल्म 'द पाई' के जरिए तब्बू ने हॉलीवुड में भी अपनी दमदार इंट्री दर्ज कराई है।

15 साल की उम्र में हुई शुरुआतः

तब्बू के फिल्मी कॅरियर की शुरुआत दिलचस्प अंदाज में बहुत छोटी उम्र में हुई। 1985 में देव आनंद ने अपनी फिल्म” हम नौजवां” में उन्हें छोटा-सा रोल दिया गया। इस फिल्म में उन्होंने देव आनंद की बेटी का किरदार निभाया था। उस समय वह मात्र पन्द्रह साल की थीं।

अभिनेत्री के तौर पर उन्होंने पहली बार तेलगु फिल्म “कुली नंबर वन” में काम किया। हिन्दी फिल्मों में उन्हें हीरोइन के रूप में लॉन्च करने की जिम्मेदारी निर्माता बोनी कपूर ने ली। फिल्म “प्रेम” में उन्होंने तब्बू और अपने छोटे भाई संजय कपूर की जोड़ी लॉन्च की।

प्रेम को पहले शेखर कपूर डायरेक्ट करने वाले थे, लेकिन बाद में शेखर की जगह निर्देशन की कमान सतीश कौशिक ने संभाली और इस फिल्म को बनने में पांच साल का वक्त लग गया। इस बीच तब्बू ने कुछ और फिल्में साइन कर ली। सही मायने में तब्बू की शुरुआत फिल्म “विजयपथ” से हुई।

अजय देवगन के साथ की गई यह फिल्म सुपर हिट रही। इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ नवोदित अभिनेत्री के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।1996 में उन्होंने आठ फिल्में की जिसमें 'साजन चले ससुराल' और 'जीत' सुपरहिट रही। वर्ष 1997 में तब्बू की 'विरासत' और 'बार्डर' जैसी सुपरहिट फिल्में प्रदर्शित हुईं।
 
लीक से अलग हटकर की माचिसः

गुलजार की फिल्म “माचिस” तब्बू के कॅरियर के लिए एक नया मोड़ साबित हुई और उन्हें संवेदनशील एक्ट्रेस के रूप में नई पहचान मिली। इस फिल्म में उनके बेहतरीन अभिनय की वजह से उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया।

उन्होंने माचिस के अलावा, प्रियदर्शन की “कालापानी”, “विरासत”, “दरमियां”, “अस्तित्व” और “मकबूल” में भी लीक से अलग हटकर अभिनय किया। 2001 में आई “चांदनी बार” में तब्बू का अभिनय बेमिसाल रहा. इस फिल्म के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

साल 2007 में आई फिल्म “चीनी कम” में उन्होंने अमिताभ बच्चन के अपोजिट काम किया। तब्बू ने 'हवा' और 'तो बात पक्की' जैसी कमजोर फिल्में भी कीं।

तब्बू को मिले पुरस्कार

तब्बू को कई बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्हें पहले फिल्म माचिस और फिर “चांदनी बार” के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से नवाजा गया। इसके साथ ही अपने पहली फिल्म “विजयपथ” में बेहतरीन अभिनय के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ नवोदित अभिनेत्री का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला।

तब्बू को चार बार क्रिटिक्स अवार्ड फॉर बेस्ट एक्ट्रेस का अवार्ड मिल चुका है। उन्हें यह पुरस्कार फिल्म 'विरासत', 'हू तू तू', 'अस्तित्व', 'चीनी कम' के लिए मिला। इसके साथ उन्हें दो बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का फिल्मफेयर अवार्ड (साउथ) भी मिल चुका है। तब्बू को 2011 में भारत सरकार द्वारा पद्मश्री का पुरस्कार मिला।

तब्बू की व्यक्तिगत जिंदगीः

तब्बू का जन्म 4 नवंबर 1971 को हैदराबाद में हुआ। 12 साल की उम्र तब्बू मुंबई आ गईं। आगे की पढ़ाई मुंबई में ही हुई। फिल्मों से पहले तब्बू ने थोड़ा-बहुत थिएटर भी किया। तब्बू अभी तक अविवाहित हैं। निर्माता साजिद नाडियाडवाला से उनके रिश्तों की बात शादी तक पहुंच गई थी, लेकिन फिर मामला आगे नहीं बढ़ पाया।

तब्बू अभी तक सिंगल ही हैं। साल 1998 में फिल्म “हम साथ साथ हैं” के दौरान काले हिरण के शिकार के आरोप में तब्बू कोर्ट के चक्कर लगा चुकी हैं लेकिन उन्हें इस मामले में कोर्ट से राहत मिल गई है।
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