शाहरुख खान कितने बड़े स्टार हैं यह बताने की जरूरत नहीं है। शाहरुख खान हर साल लगभग 202 करोड़ कमाते हैं। लेकिन शाहरुख उन फिल्मों की वजह से स्टार बने थे जिन्हें दूसरे कलाकारों ने ठुकरा दी थी।
फिल्म को ठुकराकर मिलने की कहानी शाहरुख की पहली फिल्म 'दीवाना' से होती है। यह फिल्म शाहरुख को ऑफर नहीं हुई थी। जो रोल शाहरुख ने किया था उसके लिए निर्माताओं की पहली पसंद साउथ के स्टार नागार्जुन थे।
नागार्जुन को डेट्स की समस्या थी और वह फिल्म से अलग हो गए। इसके बाद निर्माताओं ने अरमान कोहली से एप्रोच किया। बात वहां भी नहीं बनी। फिर हारकर निर्देशकों को शाहरुख का नाम सूझा। फिल्म बनी और शाहरुख के रोल को पसंद किया गया।
कुछ ऐसा ही हाल शाहरुख की फिल्म 'राजू बन गया जेंटलमैन' के साथ हुआ। राजू बन गया जेंटलमैन के निर्माता-निर्देशक इस रोल के लिए शाहरुख के बजाय आमिर खान को लेना चाहते थे। आमिर खान उन दिनों फिल्मों के चयन के मामले में भी बहुत चूजी हो गए थे।
उन्होंने यह फिल्म ठुकरा दी। इसके बाद निर्देशकों ने विवेक मुशरान को लेने का फैसला किया। अज्ञात कारणों से उनके साथ भी बात नहीं बनी। फिर इस फिल्म में शाहरुख की एंट्री हुई।
शाहरुख की फिल्म 'किंग अंकल' के लिए भी यही हुआ। फिल्म के मेकर्स इस रोल के लिए अभिनव चतुर्वेदी का नाम चाहते थे। लेकिन होते-होते इस फिल्म में शाहरुख की इंट्री हो गई। कुछ यही हाल हेमा मालिनी की फिल्म 'दिल आशना' है के साथ हुआ।
हेमा मालिनी इस रोल के लिए शाहरुख को नहीं चाहती थीं। उन्हें शाहरुख के बालों से जैसे एलर्जी थी। वह इस फिल्म के लिए सैफ अली खान को चाहती थीं। लेकिन सैफ कहीं और व्यस्त थे और उन्हें शाहरुख को लेना पड़ा।
बाजीगर फिल्म ने शाहरुख के लिए एक नई पहचान गढ़ी थी। लेकिन यह फिल्म भी शाहरुख की नहीं थी। इसे सलमान खान को लेकर बनाया जा रहा था। सलमान बाहर हुए और शाहरुख की एंट्री हुई। कुछ यही मामला डर के साथ हुआ।
'डर' आमिर को लेकर बन रही थी। आमिर ने ठुकरायी तो फिल्म उछलकर शाहरुख की गोद में आ गई। बहुत बाद में एक और फिल्म 'स्वदेश' आमिर खान को लेकर बनाई जा रही थी। आमिर के इंकार के बाद यह फिल्म शाहरुख के पास आ गई।