अपनी फिल्म अता पता लापता के प्रमोशन के लिए चंड़ीगढ़ आए राजपाल ने कहा कि वह ऐसी कॉमेडी पर विश्वास करते हैं जो स्थितियों से उपजी हो। सच्ची कॉमेडी फिल्म वह होती है जिसे याद करके आप फिल्म के बाद भी हंस सकें।
उन्होंने कहा कि आज के दौर में जब लोग हंसना चाहते हैं तो कॉमेडी की फिल्मों के लिए बड़ा स्कोप है। बन रहीं दस हिंदी फिल्मों में 6 फिल्में कॉमेडी ही होती है। यह उन कलाकारों के लिए अच्छी बात है जो कॉमेडी के क्षेत्र में हाथ आजमाना चाहते हैं।
अपने पुरानी यादों को शेयर करते हुए राजपाल ने कहा कि वह अमर उजाला को ही पढ़कर फिल्मों के दीवाने हुए हैं। मेरे गांव में तो सिर्फ यही अखबार आता था। संघर्ष के दिनों में अपने गांव कुंडरा से लेकर शाहजहांपुर और लखनऊ से लेकर दिल्ली तक अमर उजाला ही पढ़ता था। अब भी फुर्सत के समय में अपने गांव घर का हाल अमर उजाला से लेता हूं।
फिल्म में दिखेंगे 170 कलाकार
फिल्म ‘अता पता लापता’ के बारे में राजपाल ने कहा कि यह एक अर्थपूर्ण कॉमेडी फिल्म है। फिल्म में सिचुवेशन से हास्य पैदा करने की कोशिश की गई है। राजपाल ने कहा कि इस फिल्म में खूब कलाकार हैं। दर्शकों को छोटी-बड़ी भूमिका वाले 170 कलाकार इस फिल्म में मिल जाएंगे।
दारा सिंह भी फिल्म में दिखेंगे। यह उनकी आखिरी फिल्म है, जिसमें उन्होंने काम किया था। उन्होंने बताया कि फिल्म से जुड़े ज्यादातर कलाकार देश के अलग-अलग थिएटर से हैं। अभिनय के साथ निर्देशन में उतरने पर उन्होंने कहा कि वह कुछ अलग करना चाहते थे। इसलिए फिल्म बनाने की सोची इसके साथ पूरा न्याय करने की कोशिश की है।
उन्होंने कहा कि फिल्म बनाने से पहले उनके दिमाग दो बातें थीं। पहला कि कॉमेडी में अश्लीलता नहीं होगी और दूसरा कि फिल्म एक मैसेज देने में सफल रहे। उसका पूरा ध्यान में रखा गया है।
इस फिल्म को आप परिवार के साथ बैठकर देख सकते हैं।