फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुझे महेश भट्ट की बेटी न मानिएः आलिया भट्ट

Tue, 14 Jan 2014 07:52 AM IST
हरि मृदुल/अमर उजाला,मुंबई
विज्ञापन
विज्ञापन
किसी भी अदाकार के लिए पहली फिल्म बहुत मायने रखती है, लेकिन सच यही है कि टेलेंट की असली परीक्षा दूसरी फिल्म होती है। लेकिन आलिया भट्ट इसके लिए पूरी तरह तैयार दिख रही हैं। कैरियर की दूसरी फिल्म हायवे के लिए वे कांफिडेंट हैं। इम्तियाज अली के निर्देशन में बनी इस जर्नी फिल्म के बारे में उनका कहना है कि इसमें काम करने का अहसास एक सुखद यात्रा करने जैसा रहा।  हायवे आजकल की कॉमर्शियल फिल्मों से एकदम अलग है। इसे रोड मूवी कहा जा रहा है। कैरियर की दूसरी ही फिल्म में आपने अपने किरदार के साथ एक्सपेरिमेंट करने का जोखिम नहीं उठाया है?
विज्ञापन


मैंने इस फिल्म के बारे में इस एंगल से सोचा ही नहीं है। स्टोरी टेलिंग में यह थोड़ी अलग जरूर है, लेकिन यह एक मजेदार फिल्म है। इस फिल्म का फार्मेट पूरी तरह कॉमर्शियल है। चूंकि यह फिल्म एक जर्नी पर आधारित है, इसलिए लोग इसे रोड मूवी कह रहे हैं। मेरा तो यह कहना है कि यह एक नए अनुभवों की फिल्म है। मैं नहीं मानती कि इस फिल्म में काम कर मैंने कोई जोखिम उठाया है। उल्टे मैं तो यह कहंूगी कि कैरियर की शुरूआत में इस तरह की फिल्म मिलना बड़ी बात है।

रणदीप हूडा आपसे काफी सीनियर हैं। आप दोनों की जोड़ी थोड़ी बेमेल नहीं है?

चूंकि यह रुटीन कहानी वाली फिल्म नहीं है, इसलिए हमारी जोड़ी को कतई बेमेल नहीं कहा जा सकता। वैसे भी किसी एक्टर को उम्र से नहीं, किरदार से आंका जाता है। रणदीप गजब के एक्टर हैं। उन्होंने मुझे हायवे में काफी मदद की। एक दूसरे के परिचित तो हम पहले से ही थे, लेकिन अब हम अच्छे दोस्त बन चुके हैं।
विज्ञापन


क्या हायवे साइन करने से पहले आपने अपने फिल्मकार पिता से राय ली थी? भट्ट साहब से आप कितनी मदद लेती हैं?

सच कहूं तो पापा ने ही मुझे इसे साइन करने के लिए प्रेरित किया था। जब इम्तियाज मेरे घर आए थे, तो उनके पास एक छोटी सी स्क्रिप्ट थी। इस स्क्रिप्ट पर एक शॉर्ट फिल्म ही बन सकती थी। मैं समझ नहीं पा रही थी कि आखिर यह किस तरह की फिल्म बनेगी। तब पापा ने कहा कि अच्छी तरह स्क्रिप्ट पढ़ो। मैंने उनका कहना माना और तब मुझे महसूस हुआ कि यह तो अमेजिंग स्क्रिप्ट है।

इस फिल्म में काम करने का एक फायदा तो यह जरूर हुआ है कि आपको देश के कई हिस्सों की यात्रा करने का मौका मिला?

वाकई इस फिल्म की वजह से मैं दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और कश्मीर जैसी जगहें एक अलग ही अंदाज में देख पाई। हायवे की शूटिंग मेरे लिए एक ऐसी जर्नी रही, जिसके जरिए मैंने अपने आपको खोजा। भले ही मैं प्रतिष्ठित भट्ट फैमिली से हूं, लेकिन मैंने एक सामान्य जीवन ही जिया है। मेरी पढ़ाई विदेश में नहीं हुई है। मैं मुंबई में आम लड़कियों की तरह ही पली बढ़ी हूं।

फिल्मी बैकग्राउंड होने से आपको एक्टिंग कैरियर में मदद मिल रही होगी?

मैं बचपन में फिल्मों के सेट पर जाया करती थी। लेकिन यह सब मौज मस्ती के लिए होता था। तब मैं एक्टिंग के बारे में नहीं सोचती थी। वैसे भी मैं डैड से ज्यादा मॉम के करीब रही हूं। बड़ी होने के बाद ही मैं डैड से खुल पाई।

भट्ट साहब की बेटी होने का तो फायदा मिल ही रहा होगा?

मेरे नाम के आगे भट्ट लगा है, यह ही एकमात्र फायदा है। सच तो यही है कि किसी भी कलाकार का टेलेंट ही उसे आगे ले जाता है। कला के क्षेत्र में किसी हस्ती की बेटी होने से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है। आप कैसे कलाकार हैं, यह बहुत मायने रखता है।

इम्तियाज के निर्देशन के बारे में आपका क्या कहना है?

उनके बारे में कुछ कहने के लिए मैं बहुत छोटी हूं। वे अपने आपको साबित कर चुके डायरेक्टर हैं। हायवे की शूटिंग के दौरान उनसे मैंने काफी कुछ सीखा। उनके निर्देशन की छाप मेरे मन में अंकित हो चुकी है, जो कभी नहीं मिटनेवाली।
विज्ञापन


 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें