कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में पढ़ने वाली लड़कियों को मुफ्त सोलर लालटेन दिया जाएगा। छह घंटे के चार्ज होने पर यह चार घंटे चलेगा। बेसिक शिक्षा अधिकारी इसे स्वयंसेवी के सहयोग से बांटेंगे। स्वयंसेवी संस्थाएं ही इसके लिए पैसा देंगी। हमीरपुर में इसे बांटा जा चुका है और मेरठ में बांटने के लिए एक स्वयंसेवी संस्था से करार हो चुका है।
प्रदेश भर की छात्राओं को मुफ्त शिक्षा देने के लिए 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय खोले गए हैं। इन स्कूलों में 100 छात्रों को रखने और शिक्षा देने की व्यवस्था की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में खोले गए इन स्कूलों में रात में छात्राओं को पढ़ाई में दिक्कतें होती हैं। इसलिए राज्य सरकार चाहती है कि स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से छात्राओं को सोलर लालटेन बंटवाया जाए।
मुख्य सचिव आलोक रंजन ने मंगलवार को मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग की थी। इस दौरान बेसिक शिक्षा अधिकारियों से भी उन्होंने बातचीत के दौरान उन्हें हमीरपुर मॉडल को अपनाने की सलाह दी।
उन्होंनें कहा कि हमीरपुर में स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में पढ़ने वाली छात्रों को मुफ्त सोलर लालटेन बांटे गए हैं। इसी तरह अन्य जिलों में भी बांटने की व्यवस्था की जाए। इसी के आधार पर मेरठ में स्वयंसेवी संस्था के सहयोग से सोलर लालटेन बांटने पर सहमति बनी है।