अमेरिका में बनाई गई जीपीएस तकनीक की तरह भारत भी आईआरएनएसएस 7 बनाने जा रहा है। स्वदेशी तकनीक पर आधारित उपग्रह की मदद से हम भारत के अंदर समुद्री जहाजों की लोकेशन तथा प्राकृतिक आपदाओं का पहले से पता लगा सकेंगे।
यह बात शुक्रवार को फतेहाबाद के जनता इंटर कालेज में कस्बे के निवासी एवं इसरो में वैज्ञानिक प्रशांत गुप्ता ने छात्रों को बताई। इसरो की ओर से विश्व अंतरिक्ष सप्ताह (4-10 अक्टूबर) के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में प्रशांत ने इसरो की उपलब्धियों के बारे में बताया। प्रशांत गुप्ता विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर तिरुअनंतपुरम में वैज्ञानिक के पद पर कार्यरत हैं।
उन्होंने एसएसएल कान्वेंट पब्लिक स्कूल, फतेहाबाद मॉडल स्कूल आदि के विद्यार्थियों को मार्स ऑर्बिट मिशन तथा चंद्रयान का महत्व समझाया। जनता कालेज के प्रधानाचार्य शिवकुमार सिंह, एसएसएल स्कूल में मनोज गुप्ता ने प्रशांत गुप्ता का स्वागत किया।