प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देशव्यापी स्वच्छता अभियान से दिल्ली विश्वविद्यालय ने अब अपने यूजी व पीजी छात्रों को भी जोड़ दिया है। अब अभियान को सफल बनाने के लिए छात्रों को खास तरह से ट्रेनिंग दी जा रही है।
इसमें चीफ टेक्निकल पाटर्नर के रूप में सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गनाइजेशन सहयोग कर रहा है। एक साल में 200 छात्रों को प्रशिक्षित कर उन्हें प्रमाणपत्र दिया जाएगा। ट्रेनिंग के बाद छात्र महीने में दो या तीन बार स्वच्छता से संबंधित गतिविधियां कराएंगे।
डीयू के प्रौढ़ सतत शिक्षा एवं विस्तार विभाग ने स्वच्छता प्रोग्राम को सफल बनाने के लिए दो अक्तूबर वर्ष 2015 तक के लिए कई कार्यक्रमों का खाका तैयार किया है।
इसके लिए खास तरह का एक्शन प्लान तैयार किया है। इसमें लगातार स्वच्छता, हर माह डीयू में स्वच्छता अभियान व पांच गांवों को गोद लेना व इसके लिए ट्रेंड छात्र तैयार करना शामिल है। इसमें प्रति सप्ताह छात्रों को दो घंटे की ट्रेनिंग में स्वच्छता के साथ-साथ सुरक्षा, अपशिष्ट पदार्थों के निपटान की उचित प्रक्रिया, पोषण, इन्नोवेशन व नेतृत्व की बारीकियों की जानकारी दी जाएगी। फील्ड वर्क कराकर उन्हें एक्सपोजर भी दिया जाएगा
इसके साथ ही डीयू के आसपास पड़ने वाले पांच गांवों माजरा डबास, सेवापुरी, तिमारपुर, नंदनगरी, व जटखोड़ को गोद लिया जाएगा। वहां पर यह ट्रेंड छात्र लोगों को जागरूक करने का काम करेंगे। पहले बैच की शुरुआत की जा चुकी है।