फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुई नहीं अब डॉक्टर 'जादू की झप्पी' से करेंगे इलाज

Tue, 25 Nov 2014 12:16 PM IST
एजुकेशन डेस्क/अमर उजाला
विज्ञापन
विज्ञापन
डांट कर भी देखा और आंखें तरेर कर भी। मौत का भय भी दिखाया, बीमारी की भयावह तस्वीर भी। इसके बावजूद नशे की लत नहीं छूटी।
विज्ञापन


अब डाक्टरों ने दूसरी राह चुनी है। ‘जादू की झप्पी’ डोज से मरीज की लत का इलाज होगा। यह पहल एसएन मेडिकल कालेज के क्षय एवं वक्ष रोग विभाग करने जा रहा है। एंटी स्मोकिंग सेल बना काउसंलिंग कर स्मोकिंग छोड़ने को प्रेरित किया जाएगा। स्मोकिंग छोड़ने वालों को डाक्टर ‘बेस्ट मैन’ का खिताब देंगे।

धूम्रपान के चलते देश में हर साल टीबी से तीन लाख की मौत हो रही है। इंडियन चेस्ट सोसायटी भारत सरकार से हास्पिटल और प्राइमरी हेल्थ सेंटर पर एंटी स्मोकिंग क्लीनिक की सिफारिश करेगी। एसएन ने इस पर काम शुरू कर दिया है। विभाग में एंटी स्मोकिंग सेल गठित होगा। पैनल में टीबी और मानसिक रोग चिकित्सक होंगे। मरीज की मानसिक दशा का अध्ययन कर काउंसलिंग होगी। जरूरत पर दवाएं (कम निकोटिन मात्रा की च्यूइंगम) और भर्ती भी किया जाएगा। लत छूटने पर सार्वजनिक मंच पर सम्मानित होंगे। डाक्टर ‘सैल्यूट’ भी करेंगे। इनके अनुभवाें को आडियो-वीडियो से अन्य मरीजों को प्रेरणा देने में उपयोग किया जाएगा।
विज्ञापन


बढ़ रहे हैं टीबी के मरीज
एसएन में रोजाना 130 मरीजों की ओपीडी रहती है। इनमें टीबी मरीजों की संख्या 40-50 होती है, जबकि नए टीबी मरीज 16-20 होते हैं। 70 फीसदी ग्रामीण मरीज रहते हैं, जिनमें 90 प्रतिशत लोग धूम्रपान करते हैं।
विज्ञापन


रोजगार दिलाने का भी होगा प्रयास
बीमारी के चलते बेरोजगार हुए मरीजों को काम दिलाने के लिए भी प्रयास होंगे। इससे उसकी आर्थिक स्थिति पटरी पर आए और विकारों से बचा रहे। योग्यता के आधार पर नौकरी या फिर छोटे-मोटे रोजगार के लिए समाजसेवी और उद्यमियों की मदद ली जाएगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें