बीएड की खाली पड़ी सीटों को भरने के लिए जारी काउंसलिंग में बीएड कालेज संचालक सारे हथकंडे अपना रहे हैं। छात्रों की भीड़ के बीच अपने छात्र बैठाकर उनका मूड बदलने से लेकर फ्री में 500 रुपये का ड्राफ्ट देने का सहारा लिया जा रहा है और उसके बाद पासवर्ड चोरी कर अपने कालेज में उनकी सीट लॉक कर दे रहे हैं। दर्जनों अभ्यर्थियों ने इस तरह की शिकायतें दर्ज कराई हैं।
खंदारी परिसर के इंस्टीट्यूट आफ बेसिक साइंस में इन दिनों मेला सा लगा है। बीएड कालेज काउंसलिंग स्थल पर कई तरह के आफर देकर छात्रों को प्रवेश के लिए झांसे में ले रहे हैं। कई कालेज संचालकों ने ऐसी तरकीब निकाली है कि कुछ अपने छात्रों को काउंसलिंग में बैठाकर उनसे अन्य छात्रों का मूड बदलवाया जा रहा है। यही नहीं, 500 रुपये का काउसंलिंग ड्राफ्ट भी फ्री दे रहे हैं। इससे वह ड्राफ्ट के नंबर के जरिए पासवर्ड और फिर सीट लॉक करा रहे हैं। दो दिन पहले ही 26 अभ्यर्थियों ने गुमराह कर सीट लॉक करने की शिकायत की थी। उनकी शिकायत काउंसलिंग प्रभारी ने ई-मेल के जरिए बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी, झांसी को भेज दी है।
927 सीटें गुरुवार को लॉक
आगरा। गुरुवार को 927 अभ्यर्थियों की काउंसलिंग की गई। इससे पहले दो दिन की काउंसलिंग में क्रमश: 685 और 655 सीटें भरी जा चुकी हैं। बता दें कि अंबेडकर विवि से संबद्ध बीएड कालेजों में बीएड की करीब 14 हजार सीटें खाली थीं। काउंसलिंग में अब तक 2200 सीटें भरी गई हैं। शुक्रवार को काउंसलिंग में 1.10 लाख से ज्यादा रैंक वालों को बुलाया गया है। फिर भी 11 हजार सीटें कालेजों में खाली ही रह जाएंगी। इसीलिए कालेज संचालक हर प्रवेश के लिए सीटें लॉक कराने वालों के लिए ‘बोली’ लगा रहे हैं।
15 तक परीक्षा फार्म भरें प्रशिक्षणार्थी
आगरा। अंबेडकर विश्वविद्यालय से सत्र 2014-15 के बीएड प्रशिक्षणार्थियों के ऑनलाइन परीक्षा फार्म भरने शुरू हो गए हैं। 15 अक्तूबर तक कालेज के लॉगइन से ऑनलाइन फार्म भर सकते हैं। विश्वविद्यालय के पीआरओ डा. मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि सभी संबद्ध बीएड कालेजों के लॉगइन से 15 अक्तूबर तक ही फार्म प्राप्त हो सकेंगे।
बीएड 2013 में, मार्कशीट अब तक नहीं
आगरा। डा. अंबेडकर विवि से सत्र 2012-13 में बीएड करने वाली डॉली शर्मा अब तक मार्कशीट के लिए भटक रही हैं। उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2013 में परीक्षा होने के बाद अब तक उन्हें मार्कशीट नहीं दी गई, जबकि इंटरनेट पर भी परिणाम नहीं मिल पाया। ऐसे में वह नौकरी के अनेक अवसर गवां सकती हैं।
‘कई छात्रों ने पासवर्ड चोरी करने की शिकायतें की हैं। उनकी शिकायतों को झांसी में विश्वविद्यालय तक पहुंचा दिया गया है। सीटें लॉक करने पर वहीं से काम हो रहा है’
संजय चौधरी
कोआर्डिनेटर, बीएड काउंसलिंग