जौनपुर के जाफराबाद में गोमती नदी के धर्मापुर घाट पर महिला के साथ छेड़खानी का विरोध करने पर एक युवक की हत्या कर दी गई। शुक्रवार को नदी किनारे उसकी लाश मिलने से सनसनी गई।
युवक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने तीन नामजद समेत चार लोगों के खिलाफ हत्या और छेड़खानी का मुकदमा दर्ज किया है।
जफराबाद थाना क्षेत्र के एक गांव के दो युवक अपनी बुआ को आजमगढ़ से बाइक से लेकर घर लौट रहे थे। गुरुवार की शाम वे धर्मापुर घाट पर नाव से नदी पार कर रहे थे तभी कुछ युवकों ने महिला के साथ छेड़खानी शुरू कर दी। दोनों युवकों ने जब विरोध किया तो मनबढ़ युवक मारपीट पर आमादा हो गए।
उस समय एक युवक बुआ को लेकर घर चला गया, मगर दूसरा वहीं रुक गया। घर गए युवक ने मौर्य बस्ती के लोगों को इस बाबत जानकारी दी। कुछ ही देर में बस्ती के लोग घाट पहुंच गए। नदी पार कर वे लोग जब निषाद बस्ती पहुंचे तो वहां मारपीट होने लगी।
पुलिस ने नहीं की मदद
खुद को घिरा पाकर मौर्य बस्ती के लोग तैरकर नदी के दूसरे छोर पर पहुंच गए, मगर बस्ती के दिनेश मौर्य का बेटा चंदन मौर्या (20) तैरना न जानने से उस पार ही रह गया।
उधर, मौर्य बस्ती के लोग जब घर पहुंचे तो चंदन की खोजबीन शुरू हुई। लोगों ने उसे घाट पर भी खोजा। जब पता चला कि चंदन तैरना नहीं जानता था तो उन्हें शक हुआ कि कहीं उसे निषाद बस्ती के लोगों ने बंधक न बना लिया हो।
ऐसे में लोग गौराबादशाहपुर थाने गए। वहां उन्होंने पुलिस से युवक की जान बचाने की गुहार लगाई पर आरोप है कि पुलिस ने उन्हें भगा दिया। मायूस होकर लौटे मौर्य बस्ती के लोगों ने जफराबाद थाने पर सूचना दी पर वहां से भी उन्हें मदद नहीं मिली।
मछुआरों जाल में फंसी लाश, बवाल
उधर, शुक्रवार की सुबह मौर्य बस्ती के चरवाहे नदी के किनारे मवेशियों को चरा रहे थे, तभी उन्होंने देखा कि नदी के दूसरे छोर पर कई लोग जाल में कुछ लपेटकर नाव से दूसरे किनारे जा रहे हैं।
चरवाहों की सूचना पर जब लोगों ने करीब जाकर देखा तो वह चंदन की लाश थी। इसकी जानकारी होते ही बस्ती के हजारों लोग वहां जुट गए। मौके पर जब पुलिस पहुंची तो गुस्साए लोगों ने लाश नहीं उठाने दी।
उनका कहना था कि सूचना देने के बाद भी पुलिस ने रात में सक्रियता नहीं दिखाई। पुलिस ने पहल की होती तो युवक की जान बच सकती थी। बाद में सीओ सिटी अभिषेक सिंह के समझाने पर लोग मान गए। चंदन के पिता दिनेश मौर्य की तहरीर पर गौराबादशाहपुर पुलिस ने धर्मापुर घाट निवासी धनुष निषाद, अर्जुन निषाद, करिया निषाद और एक अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।