हाल में इस्लामिक स्टेट के चंगुल से भागने में कामयाब रही 21 वर्षीय यहूदी पीड़िता ने संयुक्त राष्ट्र के सदस्यों के सामने शोषण और प्रताड़ना का जो हाल बयान किया है उसे सुनकर किसी के भी आंसू छलक आएं।
आईएस के क्रूर लड़कों के शोषण का शिकार हुई पीड़िता ने जब आईएस के चंगुल में रहने के दिनों को याद किया तो उसे उसकी आंखें डबडबा गईं।
पीड़िता का नाम नाडिया मुराद बसी तहा है। मुराद ने खुद के साथ हुए अत्याचार और दुष्कर्म का जो हाल बयां किया है वह रह कंपा देने वाला है। पढ़िए, आईएस के आतंकी की कहानी पीड़िता की जुबानी।
'दैत्याकार शख्स को देख कांपने लगी'
संयुक्त राष्ट्र की ओर सीरिया में मानव तस्करी और जबरन देह व्यापार का आंकलन करने के लिए आयोजित की गई बैठक में नाडिया बुराद ने अपने अगवा होने से भाग निकलने तक की दर्दभरी दास्तां बयान की है।
मुराद ने 15 सदस्यीय बैठक को संबोधित करते हुए बताया आईएस ने ईराक और सीरिया के स्वाथ इलाके में कब्जा जमाया तो यहां रहने वाले परिवारों को अगवा कर लिया। और इन्हीं परिवारों में एक सदस्य वह भी थी।
मुराद ने बताया पहले उन्हें एक बस में बैठाकर मोसुल ले जाकर एक बिल्डिंग में ठहराया गया जहां पर पहले ही बहुत सारे बच्चों और महिलाओं को रखा गया था। इसके दो-तीन दिन बाद कुछ लड़ाके इन बच्चों और महिलाओं को एक दूसरे को किसी गिफ्ट की तरह बांटने लगे।
मुराद ने कहा, 'इन लड़ाकों में से एक और सबसे तगड़ा (दैत्याकार शरीर वाला) शख्स मेरे पास आया। वो मुझे ले जाना चाहता था। मैं नीचे जमीन में देख रही थी क्योंकि मैं डर से कांप रही थी। .. और जब ऊपर सिर उठाकर देखा तो पाया कि मेरे सामने एक राक्षस जैसा शख्स खड़ा है।' आंसुओं को रोकते हुए मुराद ने कहा, 'मैं चिल्लाने लगी और खूब रोई।'
'उससे कहा मैं बहुत छोटी हूं और तुम बहुत बड़े हो'
मुराद ने कहा, 'रोते और चिल्लाते हुए मैंने उस आदमी से कहा कि मैं बहुत छोटी हूं और आपका शरीर विशालकाय है। ऐसा सुनने पर उसने मेरी बुरी तरह पिटाई की और कई लात मारे। कुछ मिनट बाद दूसरा शख्स मेरे पास आया। मैं अब भी जमीन पर देख रही थी और ऊपर देखा तो पाया कि यह शख्स पहले वाले शख्स से कुछ छोटा था।'
'मैंने उससे उससे प्रार्थना की और उससे गिड़गिड़ाई वह ही मुझे ले जाए क्योंकि मैं पहले वाले आदमी का भारी भरकम शरीर देखकर घबराई हुई थी।'
'इसके बाद मुझे ले जाने वाले शख्स ने मुझसे मेरा धर्म बदलने को कहा तो मैंने मना कर दिया। इसके बाद उसने शादी करने के लिए मेरा हाथ मांगा। लेकिन मैंने उससे कहा कि मैं इस वक्त बीमार हूं क्योंकि वहां आस पास मौजूद महिलाओं को डर की वजह से रक्तस्राव हो रहा था। इसके कुछ दिन बाद वह रात आ गई जो मेरे लिए सबसे भयानक थी।'
उस रात को मेरा मेकअप किया गया और..
मुराद ने आगे कहा, 'कुछ दिन बाद वह भयानक रात आ गई। उस शख्स ने जबरन मुझे कपड़े पहनवाए और मेरा मेकअप कराया और इसके बाद रात जैसे गुजरी वह बहुत ही भयावह था। उसने यह सब किया।'
'इसके बाद वह रोजाना मुझे हवस का शिकार बनाने लगा। वह मुझे जबदस्ती ऐसे कपड़े पहनने को कहता था जिसमें पूरा शरीर दिखता था। मेरी रोजाना पिटाई होती थी। एक दिन मैंने वहां से भागने का निर्णय लिया और जब बाहर निकल रही थी तो मुझे गार्ड ने रोक लिया।
इसके बाद उसे पता चला तो उसे कुछ सिपाहियों के साथ एक कमरे में बंद कर दिया। उन सिपाहियों में मेरे साथ तब तक अत्याचार किया जब तक मैं अचेत नहीं हो गई। इसी तरह की कोशिशों से मैं तीन महीने बाद भागने में कामयाब रही।'
गौरतलब है कि पीड़िता ने संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद से मांग की है कि इस्लामिक स्टेट को जड़ से खत्म कर दिया जाए।