एक युवती को एक महिला को घर में जिंदा जलाने का दोषी मानते हुए 14 साल जेल की सजा सुनाई गई है। उसने निकाह के एक महीने बाद 'पति' के घर में आग लगा दी, जिसमें एक महिला की जलकर मौत हो गई।
इंग्लैंड के बर्मिंघम की रहने वाली 39 वर्षीय नुसरत खातून ने पिछले साल अगस्त में निकाह किया था। लेकिन निकाह एक महीने से ज्यादा नहीं चल सका। पति पत्नी में तलाक हो गया।
पुलिस के अनुसार, तलाक से आहत नुसरत ने अपने पूर्व पति पर हमले भी किए। पांच नवंबर को नुसरत अपनी दोस्त टीना के साथ पूर्व पति के घर के पास पहुंची। दोनों ने मेन गेट के पास से घर में आग लगा दी।
डेली मेल के अनुसार, उस समय घर में चार लोग थे। आग लगने पर तीन लोग छत से कूद कर भाग निकले। उनकी जान तो बच गई लेकिन हड्डियां टूट गईं और कई जगह चोटें आईं।
36 साल की नुसरत बेगम घर में ही फंस गई। धुंए से दम घुटने और जलने से उसकी मौत हो गई। नुसरत बेगम चार माह पहले ही पाकिस्तान से इंग्लैंड आई थी। परिवार से मनमुटाव के कारण वह अपने दोस्त के पास रहने आई थी।
पुलिस का कहना है कि आग लगने के बाद नुसरत खातून और टीना वहीं खड़े होकर तमाशा देखते रहीं। उन लोगों ने मदद के लिए पुलिस को फोन नहीं किया। वहां से जा रहे एक युवक ने फोन कर दमकल विभाग को सूचना दी।
उसी दिन पुलिस ने नुसरत खातून को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को उसकी कार से लाइटर और ईंधन के डिब्बे मिले थे। कोर्ट ने नुसरत खातून को 14 साल जेल की सजा सुनाई है।