देवर-भाभी के अवैध रिश्ते का पति ने विरोध किया तो दोनों ने मिलकर उसे मौत के घाट उतार दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामला उत्तर प्रदेश के फतेपुर जिले के मलवां थाना क्षेत्र के लालपुर/मजरा रारा गांव का है।
मजरा रार निवासी प्रह्लाद सिंह के बड़े बेटे अभिमन्यु सिंह (27) की शादी करीब छह साल पहले धर्मपुर तारापुर निवासी रूपा देवी के साथ हुई। करीब तीन साल पहले रूपा और अभिमन्यु के छोटे भाई मान सिंह के बीच अवैध संबंध हो गए। इसकी जानकारी मिलने पर अभिमन्यु ने विरोध किया।
इस बात को लेकर परिवार में लड़ाई होने लगी। इस पर प्रह्लाद अपनी पत्नी के साथ अलग घर में रहने लगे। बुधवार रात अभिमन्यु घर पहुंचा और अवैध संबंध को लेकर पत्नी की पिटाई कर दी। उसके छोटे भाई ने इसका विरोध किया। किसी तरह मामला शांत हुआ। तीनों खाना खाने के बाद सो गए। आरोप है कि रात में अभिमन्यु की पत्नी रूपा और उसके भाई मान सिंह ने मिलकर उस पर हमला बोल दिया।
गला घोंटकर शव फंदे से लटकाया
गला दबाकर हत्या करने के बाद शव फंदे से लटका दिया। बाद में दूसरे घर में रह रहे माता-पिता को अभिमन्यु के फांसी लगाने की सूचना दी। परिजन मौके पर पहुंचे तो शव चारपाई पर मिली और गमछा गले में लपेटा था।
मान सिंह ने पिता को गुमराह करने के लिए बताया कि उसने भाई को बचाने के लिए नीचे उतारा, लेकिन तब तक मौत हो चुकी थी। पिता की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की। देवर-भाभी के बीच अवैध संबंध की जानकारी मिलते ही दोनों से कड़ाई से पूछताछ की तो वे टूट गए।
पुलिस के मुताबिक दोनों ने सोते वक्त अभिमन्यु की गला दबाकर हत्या किए जाने की बात स्वीकार कर ली है। एसओ ज्ञान सिंह यादव ने बताया कि मृतक के पिता की तहरीर पर उसके छोटे बेटे मान सिंह और बहू रूपा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
बहू की हरकत से नाराज थे घरवाले
बहू और छोटे बेटे के बीच अवैध संबंध की जानकारी मिलने पर उनके परिजनों ने समझाने बुझाने की कोशिश की, लेकिन वे असफल रहे। इस पर वे गांव में ही अलग घर में रहने लगे थे।
बताया जाता है कि अभिमन्यु शहर में पल्लेदारी का काम करके परिवार चलाता था। वह शांत स्वभाव का था। जबकि अभिमन्यू का छोटा भाई मान सिंह कुछ समय पहले सूरत में प्राइवेट फर्म में नौकरी करता था। लेकिन रूपा से अवैध संबंध होने के बाद वह घर पर ही रहने लगा।
शुरुआत में ही अभिमन्यु के माता-पिता ने विरोध किया। लेकिन अभिमन्यु को अपने भाई पर यकीन था। रूपा और मान सिंह ने मिलकर माता-पिता को गलत ठहरा दिया। इस पर अभिमन्यु मान गया और वह भाई को साथ रख लिया। इससे नाराज होकर उसके माता- पिता अलग घर में रहने लगे और यह तीनों एक घर में रहने लगे।
रूपा और मान सिंह की हरकतें छुपी नहीं रही। जब अभिमन्यु को हकीकत पता चला तो विरोध करने लगा। जिसकी वजह से उसे जान गंवानी पड़ी।
मां की बात मानता तो बच जाती जान
पत्नी और भाई के हाथों मारा गया अभिमन्यु अपनी मां की बात मानता तो संभव है कि उसकी जान बच जाती। लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाया।
बताया जाता है कि बुधवार रात अभिमन्यु और उसकी पत्नी में विवाद हुआ तो उसकी मां मौके पर पहुंची। मां ने अभिमन्यु को अपने साथ चलने को कहा, लेकिन वह नहीं माना।
मां सुमित्रा देवी दहाड़ मारकर रोती बिलखती रही कि अगर बेटे ने उसकी बात मान ली होती तो शायद बुधवार की रात उसकी हत्या नहीं होती। मृतक के एक पुत्र तीन साल और दूसरी सात माह बच्ची है। परिवार में पनपे नाजायज रिश्तों के चलते हुई घटना से पूरा परिवार बिखर गया है।