जौनपुर के शाहगंज के एक मुहल्ले में छेड़खानी का विरोध करने पर एक महिला को जान गंवानी पड़ी। नशे में धुत मनबढ़ ने विरोध करने पर उसे बेरहमी से पीटा। तीन दिन तक अस्पताल में भर्ती रहने के बाद मंगलवार को उसने दम तोड़ दिया।
उधर, इस मामले में शिकायत के बाद भी पुलिस के कार्रवाई न करने से नाराज लोगों ने शाहगंज थाने के समक्ष महिला का शव रखकर प्रदर्शन किया। लोगों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस को आरोपी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज करना पड़ा।
नगर के एक मुहल्ले में शनिवार की रात घर के बाहर चारपाई पर एक महिला बैठी थी। आरोप है कि इसी दौरान नशे में धुत एक मनबढ़ उसके साथ छेड़खानी करने लगा। महिला ने जब विरोध किया तो उसने बेरहमी से पिटाई कर दी। गंभीर हाल में महिला को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सोमवार को उसकी मौत हो गई।
मौत के बाद दबाव में पुलिस ने दर्ज केस
मारपीट और छेड़खानी जैसे मामलों में भी जिले की पुलिस तब केस दर्ज करती है जब मौत हो जाए या फिर दबाव बनाया जाए। हालिया दिनों में जिले में तीन घटनाओं से तो यही साबित होता है।
शाहगंज कस्बे में शनिवार को हुई छेड़खानी और मारपीट के बाद परिवार वाले आरोपी के खिलाफ शिकायत लेकर थाने गए थे, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। जब महिला की मौत के बाद थाने पर हंगामा किया गया तो पुलिस ने आननफानन में धारा 304 के तहत केस दर्ज किया, लेकिन छेड़खानी की धारा फिर भी नहीं लगाई।
अभी हाल ही में गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र में गोमती नदी के धर्मापुर घाट पर छेड़खानी का विरोध करने पर जमैथा गांव निवासी चंदन मौर्य की हत्या कर दी गई थी। इसकी शिकायत लेकर परिवार के लोग थाने गए और उन्होंने आशंका भी जताई थी कि चंदन की हत्या हो सकती है, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
परिणाम यह निकला कि अगले दिन नदी के किनारे चंदन की लाश मिली। जब लोगों ने इस मुद्दे पर हंगामा मचाया तो पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। सिकरारा और सुरेरी थाना क्षेत्र में भी हाल ही में मौत के बाद पुलिस ने तब केस दर्ज किया जब लोग सड़क पर आए।
इस पर शाहगंज के इंस्पेक्टर मंजय सिंह ने कहा मामला मारपीट का है। महिला की मौत के बाद केस दर्ज कर आरोपी की तलाश की जा रही है। कस्बे में एहतियात के तौर पर फोर्स लगा दी गई है। तनाव जैसी कोई स्थिति नहीं है।
पुलिस ने नहीं दर्ज की थी शिकायत
मंगलवार को परिवार और मुहल्ले वाले शव लेकर थाने पहुंच गए। लोग आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। कोतवाल ने समझा-बुझाकर उन्हें शांत कराया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
महिला के पति का आरोप है कि छेड़खानी की घटना के बाद कई सभासदों को लेकर वह शिकायत करने थाने गए थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें भगा दिया था। उन्होंने पुलिस पर लीपापोती करने का भी आरोप लगाया।
बाद में पति की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी सुशील सिंह के खिलाफ धारा 304 आईपीसी के तहत केस दर्ज किया। इस घटना के बाद दो गुटों में तनाव की स्थिति को देखते हुए कस्बे में पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई है।