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...और जीत गई मोहब्बत, अमरदीप की हुई इकराना उर्फ अनु

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बीस दिन के बाद आखिरकार प्यार की जीत हुई। इकराना उर्फ अनु के बयान लेकर कोर्ट ने अनु को अमरदीप के परिवार के साथ भेजने के आदेश दे दिए। शाम को पुलिस सुरक्षा में अनु को अमरदीप के परिजनों के संग भेज दिया गया।
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ग्राम झुंडपुर की इकराना उर्फ अनु को लेकर पुलिस मंगलवार को सुबह ही बागपत पहुंच गई। पुलिस ने पहले उसका मेडिकल कराया। इसके बाद उसे कोर्ट में बयान दर्ज कराने के लिए पहुंची।

इकराना उर्फ अनु के कोर्ट पहुंचते ही कोर्ट में भीड़ लग गई। दोनों ओर से दर्जनों लोग पहुंचने से कोर्ट परिसर में ही तनावपूर्ण माहौल बन गया। सुरक्षा कर्मियों ने दोनों पक्षों के लोगों को वहां से हटाया। इस कारण कचहरी में दिन भर गहमा-गहमी का माहौल रहा। लगभग साढ़े तीन बजे इकराना के कोर्ट में बयान कराए गए।
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कोर्ट में इकराना ने अमरदीप के पक्ष में बयान दिए। साथ ही कहा कोई उसे जबरन नहीं ले गया है, वह अपनी मर्जी से ही अमरदीप के साथ गई। जिस पर कोर्ट ने इकराना उर्फ अनु को अमरदीप के साथ भेजने के पुलिस को आदेश दिए। कोर्ट के आदेश के बाद लगभग साढ़े चार बजे अनु को पुलिस सुरक्षा में अमरदीप के परिजनों के साथ भेज दिया गया। इस दौरान इकराना की मां मोहसिना, पिता शब्बीर, भाई, अमरदीप के पिता देवेंद्र आदि अन्य परिजन मौजूद रहे।

अनु बोली, अपने परिवार के साथ गई तो मार डालेंगे

कोर्ट में पेशी के दौरान इकराना उर्फ अनु ने अपने परिजनों से खतरा बताया। उसने कहा कि अपने परिवार के साथ गई तो मुझे मार डालेंगे। वह तो अमरदीप के साथ ही जाएगी। उसने अपनी मां से भी कहा कि उसे मरना नहीं है, उनके साथ जाकर।

मंगलवार को पुलिस सुरक्षा में इकराना उर्फ अनु के बयान कराए गए। इस दौरान इकराना की मां मोहसिना ने उसे समझाने का प्रयास किया और उसे घर वापस चलने के लिए कहा। मोहसिना ने इकराना को इज्जत की दुहाई भी दी, लेकिन इकराना ने कहा मैं अपने परिवार के साथ गई तो मुझे मार दिया जाएगा।

मोहसिना कहती रही कि वह उसकी लाडली है, उसे कुछ नहीं होने देगी। कोई मां अपनी बेटी की जान नहीं ले सकती। उसकी हर खुशी का ध्यान रखेगी, लेकिन मां मोहसिना की बातों का इकराना उर्फ अनु पर कोई असर नहीं हुआ। वह अपने फैसले पर अड़ी रही। उसने अपनी मां को साफ लहजे में कहा अब तो कोर्ट ही फैसला करेगा। अब वह कुछ नहीं कर सकती। जो कुछ कहना है वह कोर्ट में ही कहेगी।

इकराना उर्फ अनु ने कहा परिजन उसकी मर्जी के बिना जबरन उसकी शादी दूसरी जगह पर करना चाह रहे हैं। वह पहले से ही मना कर रही थी, लेकिन परिजन मान नहीं रहे हैं। वह अमरदीप के साथ ही रहना चाहती है।
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गांव में नहीं आने देंगे अनु और अमरदीप को

अमरदीप के पिता देवेंद्र के अनुसार गांव में स्थिति ठीक नहीं है। अनु के परिजन तैश में हैं, इज्जत सभी को प्यारी है। माहौल खराब न हो जाए, इसलिए अनु और अमरदीप को गांव में नहीं आने देंगे। उसे गांव से बाहर ही रखेंगे।

देवेंद्र ने कहा कि कोर्ट का फैसला उन्हें मंजूर है, लेकिन वह पंचायत की बात को भी सिर आंखों पर रखेंगे। समाज और कानून दोनों का ख्याल करना है उन्हें। बागपत न्यायालय में पहुंचे अमरदीप के पिता देवेंद्र ने अमरदीप के प्रति नाराजगी जाहिर की।

उन्होंने कहा अमरदीप के कारण उनका सामाजिक के साथ काफी आर्थिक नुकसान हुआ है, उन्हें बहुत ठेस पहुंची है। पूरा परिवार अमरदीप की इस कारगुजारी से नाराज है। अब वह कोर्ट का निर्णय का विरोध नहीं कर सकते। उन्हें कोर्ट का फैसला मंजूर है, लेकिन पंचायत की बात को भी मना नहीं कर सकते। समाज और पंचायत का आदेश भी सिर आंखों पर रखेंगे।

अमरदीप के पिता देवेंद्र ने कहा कि इकराना उर्फ अनु के पिता शब्बीर को उन्होंने आश्वासन दिया था कि वह उनकी लड़की को ढूंढकर उन्हें सौंप देंगे,  शब्बीर ने उनकी बात पर भरोसा नहीं किया। उनके और अमरदीप के खिलाफ एफआईआर करा दी। वह फरार लड़की और लड़के को ढूंढने की बजाय अपने बचाव में लग गए। इस दौरान ही अमरदीप और अनु ने कोर्ट मैरिज कर ली। लड़की पक्ष के लोग रिपोर्ट दर्ज न कराते तो वह पहले ही लड़की को ढूंढकर उनको सौंप देते।

पुलिस जब युवती को लेकर कोर्ट में बयान देने पहुंची तो उसकी जानकारी मिलते ही हिंदू संगठनों विहिप, बजरंग दल, हिंदू युवा वाहिनी के पदाधिकारी कचहरी परिसर में एकत्र हो गए। इससे वहां माहौल गर्मा गया। हालांकि बाद में सुरक्षा कर्मियों ने कुछ लोगों को वहां से हटा दिया।
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