जिला अदालत ने हाईकोर्ट के कर्मचारी वीरेन्द्र सिंह की हत्या में उसकी पत्नी मेनका सिंह और प्रेमी लवलेश सिंह को दोषी करार देते हुए दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई। न्यायालय ने दोनों पर 50-50 हजार का जुर्माना भी लगाया है।
जुर्माने की राशि में से अस्सी हजार रुपये मृतक की पुत्री काजल को बतौर प्रतिकर देने का आदेश दिया है। पिता की हत्या के समय काजल महज ढाई साल की थी। पुलिस ने उसके बयान के आधार पर अभियुक्तों तक पहुंचने में कामयाबी हासिल की।
सजा का आदेश एडीजे मलखान सिंह बुधवार को सुनाया। एडीजीसी गुलाब चंद्र अग्रहरी व वादी के अधिवक्ता सुब्रत सिंह ने अभियुक्तों के खिलाफ साक्ष्य प्रस्तुत किए। अभियोजन के अनुसार घटना 14 और 15 अगस्त 2001 की रात की है।