एटा जिला जेल में मंगलवार सुबह कैदियों ने जमकर बवाल किया। बताया जा रहा है कि सुबह बैरक चैकिंग के दौरान मोबाइल और सिम मिलने के बाद हुए उपद्रव में कम से कम आधा दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए।
चेकिंग के दौरान कैदियों ने हंगामा करना शुरू किया और देखते ही देखते यह हिंसात्मक बवाल में तब्दील हो गया। कैदियों ने जेल के अंदर पहुंचे सिपाहियों पर हमला बोल दिया।
इस बवाल में जेलर के घायल होने की भी सूचना मिली है। बताया जा रहा रहा कि उन्हें चोटें आई हैं।
जेल आए थे भाजपा सांसद साक्षी महाराज
जेल के आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि सुबह अचानक जेल के अंदर से फायरिंग की आवाज आई। जिसके बाद लोग चौंकन्ने हो गए। बताया जा रहा है कि घटना से कुछ समय पहले भाजपा सांसद साक्षी महाराज जेल में आए थे।
साक्षी महाराज अपने भाई को लेने आए थे, जो हत्या के एक मामले में जेल में बंद था। कल उसकी जमानत हुई थी, जिसके बाद आज उसे रिहा किया जाना था।
जेल में बवाल की सूचना के बाद भी फोर्स पहुंचने में काफी देर हुई, जिसके चलते हंगामा और बढ़ गया। फिलहाल हालात काबू हैं। डीएम और एसएसपी समेत जिले के तमाम आलाधिकारी मौके पर मौजूद हैं।
बोले कमिश्नर, 'जेल में होती है अवैध वसूली'
जेल में हुए बवाल और हंगामे के बाद फीरोजाबाद में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। उधर, बवाल की सूचना मिलने पर कमिश्नर अलीगढ़ चंद्रकांत और डीआईजी गोविंद अग्रवाल भी जेल पहुंच गए हैं।
डीएम एटा निधि केसरवानी ने बताया कि मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। फीरोजाबाद के एडीएम इसकी जांच करेंगे। डीएम ने चार सिपाहियों के घायल होने की पुष्टि की है। फिलहाल जेल में हालात काबू में आ गए हैं। पुलिस और आलाअधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
कमिश्नर चंद्रकांत ने कहा कि प्रथम दृष्टा जेल प्रशासन ने देरी से पुलिस व प्रशासन को घटना की सूचना दी। जेल में मोबाइल व सिम मिली हैं। बताया जा रहा है जेल में अवैध वसूली भी होती थी। इस सबकी जांच डीएम करेंगी और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उस पर कार्रवाई होगी।