उत्तर प्रदेश में दिनदहाडे़ जालौन के कस्बा नदीगांव में दबंगों ने पुलिस को खुली चुनौती देते हुए जमकर कहर बरपाया। उन्होंने पहले घर में घुसकर महिला की अस्मत लूटनी चाही और जब सफल नहीं हुए तो महिला को चप्पलों से पीटकर कस्बे में घुमाया।
इस दौरान दबंगों के खौफ से गांव वालों ने दरवाजे बंद कर लिए। घटना को अंजाम देने के बाद महिला को धमकी भी दी गई कि यदि उसने पुलिस से शिकायत की तो परिवार को खत्म कर दिया जायेगा। डरी पीड़िता दिन भर घर में कैद रही।
तड़के उसने साहस जुटाया व अपने रिश्तेदारों की मदद से मुख्यालय तक पहुंची। जहां उसने एसपी राकेश शंकर को प्रार्थना पत्र दिया। घटना की जानकारी होते ही हरकत में आई।
उधर, थानाध्यक्ष रामराज शुक्ल ने बताया कि घटना की जानकारी हुई है। मौके पर सिपाहियों को भेजा गया था। पीड़िता की सूचना पर कार्रवाई की जा रही है।
थाना व कस्बा नदीगांव के वार्ड नंबर दो में रहने वाली महिला रामश्री ने एसपी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि मंगलवार की सुबह 11 बजे वह अपने घर पर थी और पति काम पर गए थे।
तभी मुहल्ले का दबंग ताजुद्दीन अपने साथियों के साथ घर में घुस गया और बुरी नीयत से पकड़ लिया। जब वह चिल्लाई तो भांजा दौड़कर आया और विरोध करने लगा।
इस पर दबंग ने अपने साथियों की मदद से उसकी पिटाई कर दी। इस दौरान जब महिला खुद दबंगों से भिड़ गई तो दबंगों ने उसे घर के बाहर खींच लिया और चप्पलों से पिटाई करते हुए मुहल्ले में घुमाया।
कुएं पर खड़ा कर धमकी दी कि कस्बा छोड़कर भाग जाओ नहीं तो अंजाम बुरा होगा। सूचना पाकर पति घर आया तो उनका भी साहस इतना नहीं हुआ कि वह दबंगों के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कर सके।
घटना से हतप्रभ रामश्री बुधवार की सुबह छिपते छिपाते एसपी राकेश शंकर के पास पहुंची। एसपी ने तुरंत थानाध्यक्ष रामराज शुक्ल को कार्रवाई का आदेश दिया। थानेदार ने कहा मामले की जांच की जा रही है।
उन्होंने कहा कि दबंगों के भय से मुहल्ले के लोग दहशत में हैं। मामला चुनावी रंजिश का लग रहा है लेकिन घटना सत्य है। आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
महिला के मामले में आरोपी ताजुद्दीन के खिलाफ हत्या, गैंगस्टर, बलवा सहित यूपी, एमपी, हरियाणा में तकरीबन 24 मुकदमें दर्ज हैं। नदीगांव के तत्कालीन थानाध्यक्ष धर्मवीर सिंह के साथ पुलिस मुठभेड़ में वह वांछित हैं।
कौन है ताजुद्दीन?
ताजुद्दीन निवासी नदीगांव शातिर अपराधी है और वह वर्ष 2002 से अपराध क्षेत्र में सक्रिय हैं। उसके खिलाफ हत्या, गैंगस्टर, बलवा सहित यूपी, एमपी, हरियाणा में तकरीबन 24 मुकदमें दर्ज हैं। नदीगांव के तत्कालीन थानाध्यक्ष धर्मवीर सिंह के साथ पुलिस मुठभेड़ में वह वांछित हैं।
लेकिन इसके बाद भी उसने जिस तरह से दिन दहाड़े घटना को अंजाम दिया। उसने पुलिस की सक्रियता पर सवालियां निशान लगा दिया। ऐसे में सवाल उठता है कि जब एक शातिर अपराधी जिसने पुलिस को भी चुनौती दी हो वह क्षेत्र में खुलेआम कैसे घूम रहा है।
खुफिया विभाग की सक्रियता भी कटघरे में
मुज्जफरनगर में भड़के दंगा के बाद पूरे सूबे की बागडोर खुद सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह ने अपने हाथ में लेते हुए पुलिस विभाग के साथ ही खुफिया विभाग को भी सचेत रहने सख्त आदेश दिए हैं।
लेकिन इसके बाद भी एक शातिर अपराधी पूरे इलाके में न सिर्फ खुलेआम घूमा बल्कि उसने इतनी बड़ी वारदात को अंजाम भी दे डाला।