अपनी बेटी शीना बोरा की हत्या कर तीन साल बाद सलाखों के पीछे पहुंची इंद्राणी मुखर्जी के राज पतर दर परत खुलते जा रहे हैं। पहले इंद्राणी के तीन पति होने की बात सामने आई, फिर चार और अब उसके पांच पति होने की बातें कहीं जा रही हैं।
लेकिन इससे भी ज्यादा सनसनीखेज खबर यह सामने आई है इंद्राणी की मां दुर्गा बोरा के भी एक से ज्यादा पति थे। दरअसल इंद्राणी जिस उपेंद्र बोरा को अपना पिता बताती थी वह उसका पिता नहीं था, उपेद्र कुमार बोरा इंद्राणी की मां का प्रेमी था जो बाद में उसके साथ रहने लगा था।
टेलीग्राफ के अनुसार, गुवाहाटी में मौजूद इंद्राणी के कुछ परिवारिक मित्रों ने बताया कि उपेंद्र कुमार बोरा इंद्राणी का सगा पिता नहीं था। लेकिन वह उसकी मां दुर्गा के काफी करीब था। बताते हैं उपेंद्र कुमार बोरा दुर्गा से करीब महीने में एक बार मिलता था। वह दुर्गा के बच्चों से नहीं मिलता था क्योंकि दुर्गा नहीं चाहती थी कि वह उसके बच्चों से मिले।
इंद्राणी ने बदले अपने बच्चों के माता-पिता
इंद्राणी के पैतृक घर गुवाहाटी के पड़ोस के लोगों ने बताया कि इंद्राणी बीच में कई सालों तक यहां नहीं आई लेकिन वह अपनी मां दुर्गा बोरा के संपर्क में रहती थी। उसने 2002 में पीटर से जब कथित तीसरी शादी की तो उसकी मां को कोई हैरानी नहीं हुई क्योंकि वह अपनी बेटी के बारे में पहले से जानती थी।
पीटर से शादी के सात महीने बाद ही वह गुवाहाटी पहुंची और अपने बच्चों शीना व मिखाइल के नए जन्म प्रमाण पत्र बनवाए। इंद्राणी ने इस बाद जन्म प्रमाण पत्र में दुर्गा बोरा को अपने बच्चों की मां और उपेंद्र बोरा को उनके पिता के रूप में नाम दर्ज कराया। इस दौरान शीना 13 साल की थी।
गुवाहाटी डिज्नीलैंड स्कूल के एक पूर्व शिक्षक ने बताया कि इंद्राणी ने जब अपने बच्चों के नए जन्म प्रमाणपत्र स्कूल में जमा किए तो वो हैरान रह गए। उन्होंने बताया कि शुरुवात एडमिशन के दौरान बच्चों (शीना और मिखाइल) की मां तौर पर इंद्राणी और पिता के तौर पर सिद्धार्थ दास का नाम था।
ऐसा माना जा रहा है कि सिद्धार्थ दास इंद्राणी का पहला वैध पति था। लेकिन यह भी कहा जा रहा है कि सिद्धार्थ से इंद्राणी को बच्चे नहीं हुए थे। क्योंकि सिद्धार्थ से उसका रिश्ता करीब एक साल तक चला।
बच्चे दुर्गा और उपेन को नहीं बोलते थे मम्मी, पापा
गुवाहाटी डिज्नीलैंड स्कूल जिसका वर्तमान ने सुदर्शन पब्लिक स्कूल है के पूर्व शिक्षक ने बताया कि शीना और मिखाइल दुर्गा बोरा को ऐता(नानी) और उपेंद्र बोरा को कोका (नाना) कहते थे।
उन्होंने बताया कि इंद्राणी के बच्चों और दुर्गा और उपेद्र के रिश्तों के बारे में सभी जानते थे। उन्होंने कहा कि स्कूल में जब नए जन्म प्रमाणपत्र दिए गए तो स्कूल की ओर से सवाल किया गया कि वे ऐसा क्यों करना चाहती हैं तो उन्होंने जवाब दिया कि यह इसिलए किया जा रहा है ताकि बच्चों को उनके माता पिता के बारे में पूछने की दिक्कत न झेलनी पड़े।
इस दौरान इंद्राणी पीटर के साथ थी जो नवंबर 2002 में फिर उससे शादी कर ली थी।