एक खतरनाक योजना बनाकर दो बेटों ने नौकरी से सेवानिवृत्ति के ठीक दो दिनों पहले अपने पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। दोनों की निगाह 31 अक्तूबर को सेवानिवृत्त होने से जा रहे लेखपाल पिता की नौकरी और पैसों पर थी। बड़े बेटे ने छोटे को समझाया कि अगर पिता सेवानिवृत्त होने के दो दिन पहले मर गए तो मुझे मृतक आश्रित कोटे में नौकरी मिल जाएगी। उनके जीपीएफ और ग्रेच्युटी के जो लाखों रुपये मिलेंगे उसे तुम अकेले ले लेना। इससे हम दोनों ही फायदे में रहेंगे। जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के मझौआ मिश्रपुर गांव में बुधवार की रात हुई इस हत्या में पुलिस ने जांच के बाद बृहस्पतिवार को हत्यारोपी दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया।
कोतवाल जीयनपुर छात्रजीत सिंह के अनुसार सगड़ी तहसील में कार्यरत लेखपाल हरदेव सोनकर ( उम्र 58 वर्ष) आगामी 31 अक्तूबर को सेवानिवृत्त होने वाले थे। वह बुधवार को अपने गांव आए हुए थे। वह घर के बरामदे में सोये हुए थे कि रात करीब 12 बजे किसी ने उन्हें गोली मार दी। गोली उनके सीने में दाहिनी तरफ लगी। उन्हें जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई।
सूचना मिलने पर पुलिस रात में ही मौके पर पहुंच गई और शक के आधार पर पड़ोसी एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ करने लगी। इसी दौरान सिपाहियों ने कुछ दूरी पर धान के खेत में फेंकी गई वह बंदूक बरामद कर ली, जिससे घटना को अंजाम दिया गया था। बंदूक देखने के बाद हिरासत में लिए युवक ने बताया कि यह बंदूक लेखपाल हरदेव सोनकर की ही है।