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हेमराज के कत्ल को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट

Fri, 25 Oct 2013 01:21 PM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
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चर्चित आरुषि-हेमराज मर्डर केस में बृहस्पतिवार को डिफेंस ने अपनी फाइनल बहस शुरू कर दी। पहले दिन डिफेंस ने सीबीआई के ही दो गवाहों की थ्योरी को अपनी बहस का आधार बनाया।
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इन दोनों ही गवाहों ने अपनी अलग-अलग थ्योरी कोर्ट को बताई थी। एक थ्योरी थी कि हेमराज का खून आरुषि के कमरे में हुआ है, जबकि दूसरी थ्योरी कहती है कि हेमराज का खून आरुषि के कमरे में नहीं हुआ।

पहले दिन डिफेंस ने करीब 2 घंटे बहस की। फाइनल बहस शुक्रवार को भी जारी रहेगी।

सीबीआई विशेष न्यायाधीश एस. लाल की कोर्ट में दोपहर 2 बजे से डिफेंस के अधिवक्ता तनवीर अहमद मीर, मनोज शिशौदिया और सत्यकेतु सिंह ने फाइनल बहस शुरू की।

एडवोकेट मीर ने कहा कि सीबीआई की यह थ्योरी है कि कमरे में आरुषि-हेमराज को देखकर राजेश तलवार एकदम-अचानक गुस्से में आ गया, इसका क्या सबूत है। जबकि आरुषि-हेमराज के मर्डर की जगह को लेकर ही सीबीआई दो अलग-अलग थ्योरी पूर्व में दे चुकी है।
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दो अलग फोरेंसिक रिपोर्ट्स
अभियोजन के गवाह डॉ. एमएस दहिया ने सिर्फ फोटो देखकर अपनी रिपोर्ट में यह कहा था कि आरुषि के तकिए, बेड और कमरे की दीवार से हेमराज का खून मिला था। इससे यह पता चलता है कि घटना के समय हेमराज आरुषि के कमरे में था।

वहीं, फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. बीके महापात्रा ने अपनी रिपोर्ट में यह साफ किया है कि आरुषि के तकिए और कमरे से हेमराज का खून नहीं मिला है। इससे पता चलता है कि हेमराज की हत्या आरुषि के कमरे में नहीं हुई।
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इसके अलावा सीबीआई के एएसपी एजीएल कौल ने अपनी क्लोजर में भी इसी बात का जिक्र किया था कि आरुषि के कमरे में हेमराज के खून का कोई निशान नहीं पाया गया।

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