यूपी में कन्नौज जिले के एक गांव में बुधवार की शाम पिटाई से अपनी बहन को बचाने पहुंची किशोरी को दबंग उठा ले गए। किशोरी से रेप के बाद कमरे में बंद कर उसको पीटा।
बाद में गंभीर हालत में उसे फेंककर फरार हो गए। पीड़िता का मेडिकल कालेज में इलाज हो रहा है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दोषियों की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
पीड़ित किशोरी के पिता के अनुसार बुधवार शाम करीब छह बजे उसकी 12 साल की बेटी गांव के बाहर उसके खेत में बनी झोपड़ी में कंडे पाथ रही थी। वहीं पर 17 वर्षीया दूसरी बेटी भी थी। इसी दौरान पड़ोस के कुलकांत शर्मा की पुत्री व उसकी छोटी बेटी में किसी बात पर कहासुनी होने लगी। इस पर कुलकांत के बेटे कन्हई और गोविंद पहुंचे और उसकी बेटी को पीटना शुरू कर दिया।
छोटी बहन के चीखने पर बड़ी बहन बचाने पहुंची तो दोनों युवकों ने उसे दबोच लिया। किशोरी को जबरन उठाकर अपने घर ले गए और उसके कपड़े फाड़ डाले। उससे दोनो ने दुष्कर्म किया, मारापीटा। करीब आधा घंटे के बाद मरणासन्न हालत में दोनों युवक किशोरी को झोपड़ी के सामने फेंककर भाग गए।
परिजनों और ग्रामीणों ने मामले की जानकारी उमर्दा पुलिस चौकी को दी। पुलिस ने एंबुलेंस भेजकर घायल किशोरी को मेडिकल कालेज में भरती कराया। चिकित्सकों की मुताबिक उसके शरीर के विभिन्न हिस्से और अंदरूनी अंगों में गंभी चोट है। समय पर इलाज मिलने से वह अब खतरे से बाहर है।
थानाध्यक्ष मो. इमरान का कहना है कि किशोरी के पिता की तहरीर पर दोनों सगे भाइयों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। दूसरे पक्ष से भी युवकों की मां प्रेमा देवी ने किशोरी व उसकी छोटी बहन, उसके माता-पिता के खिलाफ मारपीट की धाराओं में रिपोर्ट कराई है। पुलिस दोनों मुकदमों की जांच में लगी है।
थानाध्यक्ष का कहना है कि फिलहाल तहरीर के अनुसार रेप की धाराएं लगा दी गई हैं, लेकिन किशोरी के साथ रेप हुआ है या नहीं, यह मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा। हालत बेहतर होने पर मेडिकल चेकअप कराया जाएगा। एसपी एके जैन ने किशोरी के साथ गैंगरेप से इनकार करते हुए बताया कि मामला लड़कियों के बीच मारपीट का है।
जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की जाएगी। एसओ व उमर्दा चौकी इंचार्ज को मौके पर भेजा गया है। मेडिकल कालेज में किशोरी के पिता ने आरोप लगाया कि तहरीर देने के काफी देर बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। मेडिकल कालेज में भरती होने के बाद गुरुवार को इंदरगढ़ थाने से कोई भी अधिकारी पीड़िता के बयान लेने तक नहीं आया। थाना पुलिस मामले को मारपीट का रूप देने पर तुली है।