लश्कर के बम गुरू अब्दुल करीम टुंडा भारत में तबाही फैलाने के लिए लश्कर ए तइबा के आकाओं से मोटी रकम वसूलता था।
टुंडा ने वर्ष अप्रैल, 1996 में दस खतरनाक आतंकियों को बांग्लादेश के जरिये भारत भिजवाया था। टुंडा के ससुर और इस समय दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में मौजूद मो. जकारिया इन आतंकियों को बांग्लादेश से भारत लेकर आया था।
टुंडा ने पाकिस्तान में प्रशिक्षित किए गए छह आतंकियों को भारत में घुसाने के लिए लश्कर के लॉचिंग कमांडर आजम चीमा से पांच लाख रुपये लिए थे। टुंडा व जकारिया से आमने-सामने बैठाकर हुई पूछताछ में ये खुलासा हुआ है।
स्पेशल सेल के अधिकारियों के अनुसार, लश्कर ने पाकिस्तान में छह युवकों को भारत में तबाही फैलाने के लिए आतंकी बनने की खतरनाक ट्रेनिंग दी गई थी। आजम चीमा ने इन आतंकियों को भारत भेजने के लिए टुंडा से संपर्क किया था। टुंडा पांच लाख रुपये लेकर इन आतंकियों को बांग्लादेश के जरिये भारत में घुसाने के लिए तैयार हो गया था।
टुंडा इन आतंकियों को लेकर नेपाल के रास्ते ढाका पहुंच गया था। ढाका में वह जटरा बादी में 10-15 दिन रहा। यहां पर टुंडा ने जकारिया को बुलाया और जेहादियों को भारत में घुसाने की बात कही। इसके बाद टुंडा वापस पाकिस्तान चला गया।
इसके अलावा आजम चीमा ने बांग्लादेश में जेहादी चार आतंकियों जुनैद, अबू इबाद, अब्दुल अजीज और एक अन्य का एक और ग्रुप तैयार किया हुआ था। जकारिया सभी को बांग्लादेश से लेकर भारत आ गया था।
आजम चीमा ने इन आतंकियों को भारत में ही विस्फोटक उपलब्ध करवाया था। इन आतंकियों ने वर्ष 1997 में भारत में कई जगह बम धमाके किए थे।