घर में न कोई झगड़ा, न फसाद। न किसी से कोई बात, न कोई अन्य कारण। फिर भी खुद के हंसते खेलते परिवार की हत्या कर वो खुद फांसी पर झूल गया। उसने एक नहीं, दो नहीं, परिवार के 14 लोगों को मौत के घाट उतार दिया। आखिर क्या वजह रही होगी जो उसने पूरे परिवार की निर्मम हत्या कर दी और उतारकर खुद फांसी पर लटक गया? ठाणे के वारेकर परिवार हत्याकांड को लेकर लोगों के जेहन में यही सवाल कौंध रहा है।
पुलिस गुत्थी सुलझाने में लगी है लेकिन वारदात खाकी के गले की हड्डी बनती दिख रही है, क्योंकि परिवार का हत्यारा खुद फांसी पर लटक गया और अपने साथ अंजाम दी गई दरिंदगी की वजह भी साथ ले गया।
परिवार में हत्यारे की अकेली एक बहन बची है। जो फिलहाल अस्पताल में बदहवास हालत में है। पुलिस उसके साथ-साथ रिश्तेदारों और इलाकाईयों से पूछ-ताछ कर हत्याकांड का रहस्य जानने की कोशिश में लगी है।
पुलिस के मुताबिक प्रथमदृष्या यही लग रहा है कि हसनैन ने अपने परिवार को मौत के घाट उतारने की साजिश पहले ही रच ली थी। इसलिए कहा जा सकता है कि हत्याकांड को पूरे होश-हवास में सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दिया गया।
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक पुलिस को हसनैन के रिश्तेदारों से पूछताछ के दौरान पता चला है कि हसनैन ने शनिवार को दी गई दावत के लिए बहनों से जोर देकर कहा था कि दावत में जीजा लोगों को साथ लेकर न आएं। वो अकेली ही आएं।
'पहले ऐसी दावत कभी नहीं हुई थी'
पुलिस के मुताबिक बड़ी बेटी पांचवी सालगिरह पर हसनैन ने घर में दावत रखी थी। जिसके लिए उसने अपनी तीन बहनों को दावत पर बुलाया था।
पुलिस के मुताबिक हसनैन के 38 वर्षीय मामा अयाज वारेकर ने बताया कि हसनैन ने अपनी बहनों से साफ मना किया था कि इस दावत में उसके तीनों जीजा न आने पाएं। हसनैन के एक और चाचा मुजीब वारेकर ने भी इस बात की तस्दीक की।
हालांकि मुजीब ने पुलिस को ये भी बताया कि हसनैन ने अपनी तीनो जीजा और दूसरे रिश्तेदारों को अगले दिन यानी रविवार दोपहर की नमाज के बाद अलग से दावत पर बुलाया था।
हसनैन के रिश्तेदारों की मानें तो दावत को लेकर ये बड़ी ही विचित्र बात थी जो इससे पहले दी गई दावतों में कभी नहीं हुई थी।
साक्ष्य दे रहे हैं दरिंदगी की गवाही
हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में लगी पुलिस के हाथ वो रस्सी मिली है जिससे लटककर हसनैन ने जान दी। पुलिस ने वो चाकू भी बरामद किया है जिससे परिवार को लोगों को गले हसनैन ने अपने हाथों से रेते।
पुलिस की मानें तो फांसी के लिए इस्तेमाल की गई रस्सी एकदम नई लग रही है। ऐसा लग रहा है कि रस्सी को कुछ ही दिन पहले किसी दुकान से खरीदकर घर में लाकर पहले से ही रखा गया हो।
वहीं बकरा काटने वाले चाकू का भी पहले से ही इंतजाम करके रखा गया था। इन दोनों साक्ष्यों से पता चल रहा है कि हत्याकांड को अंजाम देने की तैयारी पहले से ही कर ली गई थी। यानी पूरे परिवार की हत्या एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई।
फिलहाल पुलिसिया जांच जारी है। पुलिस दावा कर रही है कि जल्द ही वारदात की पूरी हकीकत सबके सामने होगी।